धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बैंक अधिकारी समेत इससे संबंद्ध अन्य के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला आंध्र प्रदेश में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ा है। इसमें बैंक के पूर्व शाखा प्रंबंधक और अन्य को आरोपी बनाया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा इस संबंध में बुधवार जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि इस मामले से जुड़ी जांच में इंडियन ओवरसीज बैंक के एक पूर्व शाखा प्रबंधक समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। प्रकाशम जिले में इंडियन ओवरसीज बैंक की वीरभद्रपुरम शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक भूपतिराजू कृष्ण मोहन राजू व अन्य लोगों के खिलाफ विशाखापत्तनम में धनशोधन रोकथाम कानून संबंधी विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत दर्ज की है। बयान में कहा गया कि अदालत ने नौ मई को आरोपपत्र का संज्ञान लिया।
अन्य लोगों में पेनमेत्सा वेंकट कृष्ण श्रीनिवास राजू, आईओबी के लिए तत्कालीन पैनल मूल्यांकक, पीबीआर पोल्ट्री टेक के रूप में पहचाने जाने वाली एक फर्म के प्रबंध भागीदार पोलपल्ली वेंकट प्रसाद शामिल हैं। ईडी की ये जांच सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़े उस मामले से संबंधित है जिसमें आरोप लगाया गया है कि पीबीआर पोल्ट्री टेक नामक एक कंपनी ने मोहन राजू के साथ मिलीभगत से सावधि ऋण लिया था, लेकिन इसका उपयोग अपेक्षित कार्य के लिए नहीं हुआ। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को कुल 17.27 करोड़ रुपये (ब्याज सहित) का नुकसान हुआ।