भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर से पहले ब्रिटिश सरकार बयान आया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद ब्रिटेन के उत्पादों पर भारत का औसत टैरिफ 15 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत हो जाएगा। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में हस्ताक्षरित किया जाएगा।
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भारत में कारोबार करना होगा आसान
ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि सॉफ्ट ड्रिंक, कॉस्मेटिक्स, कारें और चिकित्सा उपकरण जैसे उत्पाद भारत को बेचने वाली ब्रिटिश कंपनियों को अब भारतीय बाजार में कारोबार करना पहले से कहीं आसान होगा।
व्हिस्की पर लगने वाले टैरिफ में आधी कटौती होगी
इसके साथ ही ब्रिटिश व्हिस्की उत्पादकों को टैरिफ में आधी कटौती से भी बड़ा लाभ मिलेगा। बयान के अनुसार व्हिस्की पर लगने वाला टैरिफ तत्काल प्रभाव से 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जाएगा और अगले दस वर्षों में इसे और घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इससे भारत में ब्रिटिश व्हिस्की को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बढ़त मिलेगी।
ब्रिटेन के लिए यह एफटीए ऐतिहासिक- स्टार्मर
स्टार्मर ने कहा कि भारत के साथ हमारा ऐतिहासिक व्यापार समझौता ब्रिटेन के लिए एक बड़ी जीत है। इससे ब्रिटेन भर में हजारों ब्रिटिश नौकरियां पैदा होंगी, व्यवसायों के लिए नए अवसर खुलेंगे और देश के हर कोने में विकास को गति मिलेगी। इससे हमारी परिवर्तन योजना को साकार किया जा सकेगा।
ब्रिटेन में 2,200 नौकरियां होंगी पैदा
बयान में कहा गया है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री लगभग 6 अरब पाउंड के नए निवेश और निर्यात लाभ का स्वागत करेंगे। इससे देश भर में 2,200 से अधिक ब्रिटिश नौकरियां पैदा होंगी, क्योंकि भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में अपने परिचालन का विस्तार करेंगी और ब्रिटिश कंपनियां भारत में नए व्यापार अवसर हासिल करेंगी।
इन सौदों से एयरोस्पेस, प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे उच्च विकास वाले क्षेत्रों में नौकरियां बढ़ेंगी। ब्रिटेन के हर कोने में इंजीनियरों, तकनीशियनों और आपूर्ति श्रृंखला श्रमिकों को सहायता मिलेगी। इसमें यह भी कहा गया है कि ब्रिटिश श्रमिकों को प्रति वर्ष 2.2 अरब पाउंड की सामूहिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा तथा उन्हें कपड़े, जूते और खाद्य उत्पादों की कीमतें सस्ती और अधिक विकल्प भी मिलेंगे।
भारत ब्रिटेन से 11 अरब पाउंड का सामान आयात करता है
ब्रिटेन पहले से ही भारत से 11 अरब पाउंड का सामान आयात करता है, लेकिन भारतीय वस्तुओं पर उदार टैरिफ से उनके सर्वोत्तम उत्पाद खरीदना आसान और सस्ता हो जाएगा। इससे व्यवसायों को उन्नत विनिर्माण या विलासिता और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले पुर्जी और सामग्रियों के आयात में संभावित बचत हो सकती है।
ब्रिटेन के निर्यात में 60 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान
टैरिफ में कमी के साथ-साथ ब्रिटेन और भारत के बीच व्यापार में नियामक बाधाओं में कमी से दीर्घावधि में भारत को ब्रिटेन के निर्यात में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। यह 2040 में भविष्य के व्यापार के अनुमानों पर लागू होने पर भारत को ब्रिटेन के अतिरिक्त 15.7 अरब पाउंड के निर्यात के बराबर है।
इसके अलावा, इससे दीर्घावधि में द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो कि समझौते के अभाव में 2040 के अनुमानित व्यापार स्तर की तुलना में प्रति वर्ष 25.5 बिलियन पाउंड के बराबर होगा।
26 ब्रिटिश कंपनियों ने भारत में नया कारोबार हासिल किया
भारत के महत्वाकांक्षी हरित परिवर्तन लक्ष्य का उल्लेख करते हुए बयान में कहा गया है कि भारत के विशाल खरीद बाजार में स्वच्छ ऊर्जा उद्योग को एकदम नई और अभूतपूर्व पहुंच प्राप्त होगी, क्योंकि देश नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है और ऊर्जा की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। इस बीच, 26 ब्रिटिश कंपनियों ने भारत में नया कारोबार हासिल किया है।
प्रधानमंत्री मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर ने 6 मई को पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-ब्रिटिश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल समापन की घोषणा की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर समारोह के लिए लंदन में हैं।