ATM Charges: अब ग्राहकों को एक महीने के दौरान एटीएम से मुफ्त स्वीकार्य सीमा से अधिक की निकासी पर प्रति लेनदेन 23 रुपये का भुगतान करना होगा। पहले बैंकों को ऐसे लेनदेन पर अधिकतम 21 रुपये तक शुल्क वसूलने की अनुमति थी। इससे पहले बैंकों को ऐसे लेनदेन पर 21 रुपये तक शुल्क लेने की अनुमति थी। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
एटीएम से जुड़े आरबीआई के निर्देश गुरुवार से लागू हो गए। अब ग्राहकों को एक महीने के दौरान एटीएम से मुफ्त स्वीकार्य सीमा से अधिक की निकासी पर प्रति लेनदेन 23 रुपये का भुगतान करना होगा। पहले बैंकों को ऐसे लेनदेन पर अधिकतम 21 रुपये तक शुल्क वसूलने की अनुमति थी।
ग्राहक अपने बैंक की स्वचालित टेलर मशीनों (एटीएम) से हर महीने पांच निःशुल्क लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन सहित) के लिए कर सकेंगे। वे अन्य बैंकों के एटीएम से भी मुफ्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन सहित) के लिए पात्र हैं। मेट्रो शहरों में ग्राहक तीन लेनदेन और गैर-मेट्रो केंद्रों में पांच लेनदेन मुफ्त में कर सकेंगे।
मुफ्त लेनदेन के बाद अब बैंक अब प्रति लेनदेन वसूल सकेंगे 23 रुपये
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 28 मार्च को 'ऑटोमेटेड टेलर मशीनों/कैश रिसाइक्लर मशीनों के उपयोग- इंटरचेंज शुल्क और ग्राहक प्रभार की समीक्षा' से जुड़े निर्देश जारी किए थे। आरबीआई के परिपत्र में कहा गया है, "मुफ्त लेनदेन के अलावा, ग्राहक से प्रति लेनदेन अधिकतम 23 रुपये का शुल्क लिया जा सकता है। यह 01 मई, 2025 से प्रभावी होगा।"
संशोधित निर्देश कैश रिसाइक्लर मशीनों (नकद जमा लेनदेन के अलावा) के जरिए किए गए लेनदेन पर भी लागू होते हैं। परिपत्र में यह भी कहा गया है कि एटीएम इंटरचेंज शुल्क एटीएम नेटवर्क की ओर से तय किया जाएगा। मार्च 2025 के अंत तक 2,55,885 बैंक एटीएम, कैश रिसाइक्लर मशीन (सीआरएम) और व्हाइट लेबल एटीएम (डब्ल्यूएलए) थे।