रूस और यूक्रेन के बीच एक महीने से ज्यादा समय से जारी युद्ध और महंगाई के रूप में इसके असर ने रेटिंग एजेंसियों को विकास दर का अनुमान घटाने के लिए प्रेरित किया है। बुधवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में एशियाई विकास बैंक ने कहा है कि इस साल भारत की विकास दर 7.5 फीसदी रह सकती है।
सात फीसदी सामूहिक विकास दर
एडीबी ने बुधवार को वित्त वर्ष 2022-23 में दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए सात प्रतिशत के सामूहिक विकास का अनुमान लगाया है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत है और क्षेत्र में विकास की गतिशीलता काफी हद तक भारत और पाकिस्तान पर निर्भर करती है। मनीला स्थित मल्टी-लेटरल फंडिंग एजेंसी ने अपनी एडीओ रिपोर्ट में कहा कि इसके अगले वित्त वर्ष में भारत की विकास दर आठ फीसदी बढ़ने की संभावना है। दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के 2022 में सामूहिक रूप से सात फीसदी और 2023 में 7.4 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है।
पाकिस्तान को लेकर यह अनुमान
एडीओ रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में 7.4 प्रतिशत तक पहुंचने से पहले दक्षिण एशिया में विकास दर धीमी होकर सात फीसदी तक रहने का अनुमान जताया गया है। इसमें कहा गया कि 2023 में 4.5 फीसदी तक बढ़ने से पहले कमजोर घरेलू मांग के कारण पाकिस्तान की वृद्धि 2022 में मध्यम से चार प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। एडीबी ने कहा कि विकासशील एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में घरेलू मांग में मजबूत सुधार और निर्यात में निरंतर विस्तार के कारण इस साल 5.2 प्रतिशत और 2023 में 5.3 प्रतिशत वृद्धि होने का अनुमान है।