टमाटर और दूसरी हरी सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं, भारतीय घरों की रसोई में यह सब्जी दुर्लभ होती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में टमाटर की कीमतों में 326.13% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि टमाटर की बढ़ती कीमतें कर्नाटक के एक किसान के लिए बहुत लाभकारी साबित हुई हैं। दरअसल, कोलार के किसानों के एक परिवार ने मंगलवार को कुछ ही घंटों के दौरान टमाटर के 2,000 बक्से (15 किलो के बॉक्स) बेचे और 38 लाख रुपये के साथ घर लौटे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रभाकर गुप्ता और उनके भाई 40 से अधिक वर्षों से समय से खेती-किसानी से जुड़े हैं और जिले के बेथमंगला इलाके में लगभग 40 एकड़ जमीन के मालिक हैं।
दो साल पहले गुप्ता और उनके भाई को टमाटर के हर बॉक्स के लिए अधिकतम 800 रुपये प्रति बॉक्स का भाव मिला था पर मंगलवार को जब वे अपने टमाटर लेकर मंडी पहुंचे तो उनके वारे न्यारे हो गए। उन्होंने अपने टमाटर के बॉक्स (15 किलो टमाटर के) इस बार 1900 रुपये प्रति बॉक्स के भाव पर बेचे और महज कुछ घंटों के बाद ही अपने घर 38 लाख रुपये के साथ पहुंचे। प्रभाकर के चचेरे भाई सुरेश ने मीडिया को बताया कि वे उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर का उत्पादन करते हैं। उर्वरक और कीटनाटशकों की उनकी समझ उन्हें अपनी फसल को कीटों से बचाने में मदद करती है।
प्रभाकर के अलावे क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी इस बार टमाटर की बढ़ती कीमतों के कारण बढ़िया भाव मिला है। चिंतामणि तालुक के वैजाकुर गांव के किसान वेंकटरमण रेड्डी ने भी इस बार मोटी कीमत पर टमाटर बेची है। उन्होंने इस बार अपने उत्पाद अधिकतम 2200 रुपये प्रति बॉक्स के भाव पर बेचे हैं। दो साल पहले उन्हें अपने उत्पादों के बदले 900 रुपये प्रति बॉक्स का ही भाव मिला था।
उन्होंने एक एकड़ जमीन पर टमाटर उगाया था और मंगलवार को कोलार के एपीएमसी बाजार में 54 बक्से लाए थे। 36 बक्से की कीमत 2,200 रुपये प्रति बॉक्स थी, जबकि बाकी की नीलामी 1,800 रुपये प्रति बॉक्स के हिसाब से हुई। उनकी उपज से उन्हें 3.3 लाख रुपये से अधिक मिले।
एपीएमसी कोलार में केआरएस टमाटर मंडी के सुधाकर रेड्डी ने कहा कि आपूर्ति कम हो गई है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं। मंगलवार को उनकी मंडी में 15 किलो के टमाटर बॉक्स की नीलामी 2,200 से 1,900 रुपये प्रति पेटी के भाव पर हुई। उन्होंने याद किया कि इससे पहले नवंबर 2021 15 टमाटर के बॉक्स 2,000 रुपये के भाव पर नीलाम किए गए थे। उन्होंने अधिकारियों से कीटों के खतरे को रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह भी किया। बता दें कि कोलार के कई किसानों ने पिछले कुछ महीनों में टमाटर उगाना छोड़ दिया था क्योंकि उपज दिन-ब-दिन सस्ती होती जा रही थी। हालांकि, 11 जुलाई को टमाटर का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 108.92 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।