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iPhone: टैरिफ वार देश के लिए अवसर, अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन अगले साल से भारत में बनाएगी एपल

Sat, 26 Apr 2025 06:08 AM IST
शुभम कुमार बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापार तनाव भारत के लिए अवसर के तौर पर है। दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां अपना विनिर्माण चीन से भारत शिफ्ट करने पर विचार कर रही हैं। ऐसे में दिग्गज टेक कंपनी एपल भी अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन का निर्माण अगले साल की शुरुआत से भारत में करने की योजना बना रही है। 
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आईफोन - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापार तनाव भारत के लिए बड़ा अवसर साबित होने जा रहा है। दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां अपना विनिर्माण चीन से भारत शिफ्ट करने पर विचार कर रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिग्गज टेक कंपनी एपल अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन का निर्माण अगले साल की शुरुआत से भारत में करने की योजना बना रही है। इससे न सिर्फ मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक विनिर्माण हब बनने की दिशा में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के कारण एपल समेत कई कंपनियां अपनी आपूर्ति शृंखला में विविधता लाने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। एपल अमेरिका में बिकने वाले 6 करोड़ से ज्यादा आईफोन का उत्पादन 2026 के अंत तक पूरी तरह से भारतीय प्लांट में स्थानांतरित करना चाहती है। यह एपल के दशकों में सबसे महत्वपूर्ण विनिर्माण बदलाव को दर्शाता है, जो भारत में इसके हालिया निवेश योजनाओं पर आधारित है।

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तीन माह में 30 लाख से अधिक आईफोन निर्यात
एपल ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और फॉक्सकॉन के साथ साझेदारी के जरिये भारत में अपना उत्पादन बढ़ाया है। फॉक्सकॉन चीन से उपकरणों का आयात कर भारत में आईफोन बना रही है। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म आईडीसी के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 के पहले तीन महीनों में भारत में बने 30 लाख से अधिक आईफोन का निर्यात किया गया। फॉक्सकॉन ने मार्च में 1.31 अरब डॉलर के आईफोन का निर्यात किया। इसमें आईफोन-13, 14, 16 और 16ई जैसे मॉडल भी शामिल थे।

खुदरा बिक्री बढ़ाने पर भी जोर
एपल अपने भारतीय उत्पादन को दोगुना करने के साथ बंगलूरू, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में चार नए स्टोर खोलकर खुदरा बिक्री बढ़ाने करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, कंपनी विनिर्माण और खुदरा क्षेत्र में भूमिकाओं के लिए सैकड़ों भर्तियां करने वाली है। एपल भारत में 3,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है।

अन्य कंपनियों की भी भारत पर नजर
रिपोर्ट में कहा गया है कि एपल एकमात्र टेक कंपनी नहीं है, जिसकी भारत पर नजर है। वियतनाम से आयातित वस्तुओं पर 46 फीसदी टैरिफ के बाद सैमसंग अपने स्मार्टफोन उत्पादन को भारत में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक भी वियतनाम से अपने पिक्सेल स्मार्टफोन का उत्पादन भारत में स्थानांतरित करने के लिए डिक्सन टेक्नोलॉजीज और फॉक्सकॉन जैसे विनिर्माण भागीदारों से बातचीत कर रही है।
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ट्रंप टैरिफ ने कंपनियों के लिए चीन में महंगा किया उत्पादन
एपल वर्तमान में फॉक्सकॉन जैसे भागीदारों के जरिये चीनी असेंबली पर बहुत ज्यादा निर्भर है। लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए बढ़ते टैरिफ (कुछ चीनी आयातों पर 100 फीसदी से अधिक) ने चीन में उत्पादन को बहुत महंगा बना दिया है। हालांकि, स्मार्टफोन  को उच्च टैरिफ से अस्थायी छूट मिली है, लेकिन अमेरिका में बिकने वाले चीनी निर्मित उपकरणों पर 20 फीसदी शुल्क अब भी लागू है।
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