एपल के सीईओ टिम कुक ने यूट्यूब के जरिए ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के लिए वर्चुअल भाषण दिया। यहां बड़े समारोहों पर लगी रोक के कारण ऑनलाइन समारोह का फैसला लिया गया था।
भाषण में कुक ने 1918 की फ्लू महामारी के दौरान फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट, अमेरिकन एविएटर अमेलिया ईयरहार्ट और ख्यात कवि टीएस इलियट की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐतिहासिक चुनौतियों को आंख और दिल खोलकर स्वीकार करते हैं, वो दूसरों के जीवन पर सबसे बड़ा प्रभाव डालते हैं। आप नए सिरे से सोचिए।
जिस भविष्य की आपने कल्पना की थी या जो आपको मिलने वाला था, उससे बेहतर की कल्पना कीजिए। कुक ने छात्रों से कहा कि, 'जब मैं 1998 में एपल में आया तो मुझे अपनी किस्मत पर भरोसा नहीं हो रहा था कि मैं स्टीव जॉब्स के साथ काम करने जा रहा हूं। जब हमने स्टीव को खोया तो जो अकेलापन महसूस हुआ वो इस बात का सबूत था कि आप दूसरों पर जो प्रभाव छोड़ते हैं, उससे अधिक शाश्वत और शक्तिशाली दुनिया में कुछ नहीं होता। कुक ने कहा कि हमें यह सोचना है कि हम विश्वस्तरीय शिक्षा पा चुके हैं और अब क्या अलग किया जा सकता है।'
आगे कुक ने कहा कि, 'ग्रेजुएट्स! आपका मामला नया है। आपके पास पुराने सिद्धांतों, नीतियों का कोई विकल्प नहीं है। आपको विलासिता का रोमांच नहीं लेना है। आपको खुली आंखों के साथ कठिनाइयों भरी दुनिया में प्रवेश करना है। एक नई कहानी लिखनी है। हो सकता है कि इस कहानी को आपने न चुना हो, लेकिन यह कहानी फिर भी पूरी तरह से आपकी ही है। आपमें से कई लोगों को आज के दिन के लिए कड़ा संघर्ष किया होगा। अब यह दिन आपका है। नए सिरे से सोचो। जिस भविष्य की आपने कल्पना की थी या जो आपको मिलने वाला था उससे बेहतर के बारे में सोचिए।'
कुक ने कहा उस व्यक्ति के बारे में सोचिए जो अस्पताल के वार्ड को हाथ और घुटनों से रगड़ कर साफ करता है। उसका काम आज धार्मिक स्थलों को शुद्ध करने वाले से कम पवित्र नहीं है। उस अनजाने पिता के बारे में सोचिए, जो अपने परिवार और अपने बच्चों से दूर रहकर और अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की सेवा कर रहा है।