अपने उपभोक्ताओं तक 4जी सेवाओं का लाभ पहुंचाने की तैयारी में जुटी बीएसएनएल को डीपीआईआईटी ने बड़ा झटका दिया है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले इस विभाग ने दूरसंचार विभाग (डॉट) और बीएसएनएल को 4जी नेटवर्क के लिए जारी किए जाने वाले 9,000 करोड़ रुपये के टेंडर पर रोक लगाने को कहा है।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अनुसार, बीएसएनएल के टेंडर पर विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। दूरसंचार उपकरण एवं सेवा निर्यात संवर्द्धन परिषद (टीईपीसी) ने शिकायत दर्ज कराई है कि बीएसएनएल की ओर से मार्च में जारी किए गए टेंडर में नियमों का उल्लंघन कर विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है।
टीईपीसी घरेलू दूरसंचार उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने वाली सरकारी संस्था है। डॉट और डीपीआईआईटी को दी गई शिकायत में टीईपीसी ने कहा है कि बीएसएनएल और एमटीएनएल ने सार्वजनिक खरीद (मेक इन इंडिया) और टेेंडर जारी करने के सरकारी आदेश का पालन नहीं किया है। बीएसएनएल के एक अधिकारी ने बताया कि टेंडर के जरिये खरीदे जाने वाले 9,000 रुपये के उपकरणों और 4जी नेटवर्क का एमटीएनएल भी इस्तेमाल करेगी। लिहाजा टेंडर में दोनों की ही भागीदारी है।
विदेशी कंपनियों से मिलकर बनाया टेंडर
टीईपीसी ने कहा, बीएसएनएल ने टेंडर से पहले भारतीय कंपनियों की अनदेखी कर दी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ मिलकर नियम निर्धारित कर दिए। इससे घरेलू कंपनियां नीलामी से बाहर हो गईं और 2017 मेें केंद्र की ओर से जारी मेक इन इंडिया को तरजीह देने के आदेशों की अवहेलना हुई। कंपनी ने अक्तूबर, 2019 में सरकार की ओर से 68,751 करोड़ के राहत पैकेज के बाद पहला टेंडर जारी किया है।
डॉट को कड़ी कार्रवाई के निर्देश, बीएसएनएल को नोटिस
डीपीआईआईटी ने डॉट को शिकायत की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सितंबर, 2018 मेें बने नियमों के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि सार्वजनिक खरीद को तब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सकता है, जब तक शिकायत का निवारण न कर दिया जाए और यह सुनिश्चित हो कि किसी भी घरेलू विनिर्माता कंपनी को नीलामी में शामिल होने से न रोका जाए। डॉट ने बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंधन निदेशक पीके पुरवार को नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब मांगा है।