वित्तीय समूह आईसीआईसीआई की नींव रखने वाले दिग्गज बैंकर नारायणन वाघुल का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार को उनका निधन हुआ था। वे 88 वर्ष के थे। दाह संस्कार से पहले, पीरामल समूह के अध्यक्ष अजय पीरामल और एशियन पेंट्स लिमिटेड के अध्यक्ष आर शेषशायी सहित उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने वाघुल को श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास, महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया था।
परिजनों की मानें तो वे गंभीर हालत में चेन्नई के अपोलो अस्पताल में पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर पर थे। गिरने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वे बेहोश थे। उनके परिवार में पत्नी पद्मा, एक बेटी सुधा और एक बेटा मोहन है।
आईसीआईसीआई को एक वित्तीय महाशक्ति में बदला
इन दिग्गजों ने भी दी श्रद्धांजलि
उद्योग जगत के नेताओं- आईसीआईसीआई बैंक के एमडी और सीईओ संदीप बख्शी, एक्सिस बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ शिखा शर्मा, कॉग्निजेंट के सह-संस्थापक लक्ष्मी नारायणन, ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (TAFE) की चेयरपर्सन मल्लिका श्रीनिवासन, लार्सन एंड टुब्रो के सीएमडी एसएन सुब्रमण्यन ने भी दिवंगत दिग्गज को श्रद्धांजलि दी।
समय के पाबंद थे
44 साल की उम्र में बैंक ऑफ इंडिया के चैयरमैन बने
नारायणन वाघुल ने भारतीय स्टेट बैंक में अपना करियर शुरू किया था। वे महज 44 साल की उम्र में एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक– बैंक ऑफ इंडिया के सबसे कम उम्र के चेयरमैन बने। हालांकि उन्होंने नौकरशाहों के हस्तक्षेप से नाराज होकर बैंकिंग छोड़ दी थी। राजीव गांधी की सरकार के दौरान उन्हें आईसीआईसीआई बैंक का प्रमुख बनने के लिए कहा गया था। वाघुल को वाणिज्य और व्यापार के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 2010 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।