एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' हासिल करने के लिए 814 करोड़ रुपये के आयात प्रतिस्थापन मूल्य के साथ 164 वस्तुओं का दिसंबर 2022 तक स्वदेशीकरण किया जाना था। इस लक्ष्य को समय सीमा के भीतर हासिल कर लिया गया है। रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के तहत रक्षा उत्पादन विभाग की ओर से इसे अधिसूचित कर दिया गया है। इससे पहले भी 1,756 करोड़ रुपये के आयात प्रतिस्थापन मूल्य के साथ 2,572 वस्तुओं के सफल स्वदेशीकरण को अधिसूचित किया गया था। अब इन 164 अतिरिक्त वस्तुओं की अधिसूचना के साथ दिसंबर 2022 तक स्वदेशी वस्तुओं की कुल संख्या 2,736 हो गई है। जिनका आयात प्रतिस्थापन मूल्य 2,570 करोड़ रुपये है।
विज्ञप्ति में कहा गया है, ''इन स्वदेशी वस्तुओं को अब केवल भारतीय उद्योग से खरीदा जाएगा।" रक्षा से संबंधित ऐसी वस्तुओं का स्वदेशीकरण रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) की ओर से या तो एमएसएमई सहित उद्योग भागीदारों के माध्यम से या इन-हाउस के माध्यम से हासिल किया गया है।
ऐसी स्वदेशी वस्तुओं की सूची सृजन पोर्टल https://srijandefence.gov.in/NotificationDt12052023.pdf पर उपलब्ध है। रक्षा उत्पादन विभाग ने अब तक 4,666 वस्तुओं वाली चार सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की है। सरकार ने वर्ष 2024-25 तक 35,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात सहित 175,000 करोड़ रुपये के रक्षा विनिर्माण का लक्ष्य रखा है।
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई नीतिगत पहल की हैं और रक्षा उपकरणों के स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सुधार किए हैं, जिससे देश में रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।