Deal: रिलायंस डिफेंस ने जर्मनी की राइनमेटल एजी कंपनी के साथ महाराष्ट्र में एक नया संयंत्र स्थापित करने के लिए समझौता किया है, जहां तोप के गोले, विस्फोटक और प्रोपेलेंट बनाए जाएंगे।
अनिल अंबानी की कंपनी 'रिलायंस डिफेंस' ने जर्मनी की बड़ी हथियार निर्माता कंपनी राइनमेटल एजी के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में एक नया संयंत्र (प्लांट) स्थापित किया जाएगा, जहां तोप के गोले, विस्फोटक और प्रोपेलेंट बनाए जाएंगे।
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भारतीय कंपनी ने एक बयान में कहा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की रिलायंस डिफेंस लिमिटेड और जर्मनी के डसेलडोर्फ स्थित राइनमेटल एजी ने गोला-बारूद के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी करने पर सहमति जताई है। इस संबंध में दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
रिलायंस समूह की यह तीसरी रक्षा क्षेत्र की साझेदारी है। इससे पहले वह फ्रांस की डेसॉल्ट एविएशन और थेल्स कंपनियं के साथ साझा परियोजनाओं पर काम कर चुकी है। इस नई साझेदारी के तहत रिलायंस, राइनमेटल को मध्यम और बड़े आकार के गोला-बारूद के लिए विस्फोटक और प्रोपेलेंट की आपूर्ति करेगा।
इसके अलावा, दोनों कंपनियां कुछ चुने हुए उत्पादों के लिए मिलकर विपणन (मार्केटिंग) करेंगी और भविष्य के अवसरों के अनुसार अपनी साझेदारी को और बढ़ा सकती हैं।
राइनमेटल एजी जिसकी कुल वैल्यू लगभग 80 अरब यूरो है। यह बख्तरबंद वाहन, इन्फैंट्री फाइटिंग वाहन, एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक गोला-बारूद तकनीक जैसे क्षेत्रों में माहिर है। इसके सबसे आधुनिक उत्पादों में लिओपार्ड 2ए7 टैंक शामिल है, जिसे दुनिया के सबसे आधुनिक युद्धक टैंकों में गिना जाता है।
यह रणनीतिक साझेदारी भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करेगी और सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी। इसका मकसद भारत को दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातक देशों में शामिल करना है।