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अमेजन-फ्यूचर ग्रुप विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समूहों को एनसीएलएटी जाने को कहा, यहां जानें पूरा मामला

Wed, 23 Feb 2022 04:11 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

SC Asks Amazon-Future Group To Urge NCLAT: अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच जारी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दोनों कंपनियों को पहले एनसीएलएटी जाने के लिए कहा है। जस्टिस एन वी रमन्ना की पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख निर्धारित कर दी। बता दें कि 5 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगापुर ट्रिब्यूनल में अमेजन की मध्यस्थता की कार्यवाही पर रोक लगाई थी।

 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच जारी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दोनों कंपनियों को पहले नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल जाने के लिए कहा है। उच्चतम न्यायालय ने अमेजन से कहा है कि सिंगापुर मध्यस्थता कार्यवाही पर निर्णय लेने के लिए, पहले एनसीएलएटी से स्पष्टता जरूरी है। जस्टिस एन वी रमन्ना की पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख निर्धारित कर दी।   

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5 जनवरी को मध्यस्थता कार्रवाही पर रोक
गौरतलब है कि 5 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगापुर ट्रिब्यूनल में अमेजन की मध्यस्थता की कार्यवाही पर रोक लगाई थी। डिवीजन बेंच ने फ्यूचर ग्रुप की अपील पर अंतरिम आदेश पारित किया था कि एक फरवरी को अगली सुनवाई तक मध्यस्थता पर रोक रहेगी।  हाईकोर्ट ने कहा था कि भारतीस प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा डील को दी गई मंजूरी पर रोक लगाने और उस पर तथ्यों को छुपाने के फैसले से प्रथम दृष्टया मामला फ्यूचर ग्रुप के पक्ष में है। मंगलवार को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने फ्यूचर की सिंगापुर में मध्यस्थता को समाप्त करने की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मामले में डिवीजन बेंच के सामने अपील की गई थी।   

अमेजन-फ्यूचर के बीच क्या है विवाद
अमेजन ने 2019 में 1500 करोड़ रुपये में फ्यूचर कूपन (फ्यूचर ग्रुप की होल्डिंग कंपनी) में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। इस डील के तहत अमेजन को 3 से 10 साल के अंदर फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने का भी अधिकार मिल गया था, लेकिन 2020 में फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स बिजनेस को रिलायंस रिटेल को 24,713 करोड़ रुपये में बेचने की घोषणा कर दी। अमेजन की ओर से इस डील पर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद से यह विवाद खड़ा हो गया। गौरतलब है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 18 दिसंबर के आदेश ने अमेजन द्वारा प्रासंगिक जानकारी का खुलासा न करने पर 2019 में हुए अमेजन- फ्यूचर के लिए सौदे की सीसीआई की मंज़ूरी को निलंबित कर दिया था। सीसीआई ने अमेजन पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। 

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