शुरुआती सालों में घाटे में रही कंपनी
मालूम हो कि कंपनी को शुरुआत के कुछ सालों में घाटा हुआ था। कंपनी शुरू करने के पहले ही साल में 16 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था। लेकिन बाद में हर साल मुनाफा ही हुआ। अमेजन की एनुअल रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2019 ही कंपनी को 19.63 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला और 81 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा हुआ था।
साल 2005 से हुआ मुनाफा
1995 में कंपनी को 1.64 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था और 0.96 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। 2000 में कंपनी को 11,868 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था और 0.96 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। लेकिन साल 2005 में कंपनी को मुनाफा हुआ, जो दिन प्रति दिन बढ़ता ही गया।
पहला नाम नहीं था अमेजन
जेफ ने सबसे पहले कंपनी का नाम अमेजन नहीं सोचा था। वो 'आबरा का डाबरा' नाम से इतने आकर्षित थे, कि कंपनी का नाम 'काडाबरा' रखना चाहते थे। हालांकि उनके वकील ने ऐसा करने से मना किया था। इसके बाद उनको RELENTLESS नाम पसंद आया, लेकिन बात नहीं बनी। फिर उन्होंने इसका नाम अमेजन रखा।
ग्राहक संतुष्टि के मूल मंत्र पर काम करती है कंपनी
साल 2005 में कंपनी ने अमेजन प्राइम मेंबरशिप की शुरुआत की थी, जिससे कंपनी को नई ऊंचाइयां मिली। बेजोस हमेशा से ही ग्राहक संतुष्टि के मूल मंत्र पर काम करते आए हैं, जिसके लिए कंपनी ने कई प्रयोग भी किए हैं। बात अगर जेफ बेजोस की संपत्ति की करें, तो 2018 में वे दुनिया के सबसे अमीर रईस शख्स बने थे।
2026 तक दुनिया के पहले खरबपति बन सकते हैं जेफ बेजोस
सलाहकार फर्म कंपेरिजन (Comparisun) की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना संकट में लॉकडाउन के चलते एक तरफ जहां ज्यादातर अमीरों को नुकसान हुआ है, वहीं अमेजन का कारोबार तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह से बेजोस की संपत्ति में भी उछाल आया है। छह साल बाद यानी साल 2026 तक बेजोस की संपत्ति बढ़कर एक ट्रिलियन डॉलर यानी 1000 अरब डॉलर हो जाएगी। कंपेरिजन की यह रिपोर्ट फोर्ब्स टॉप-25 और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड मोस्ट वैल्यूड कंपनीज के आधार पर तैयार की गई है। सलाहकार फर्म ने शेयर बाजार में इन कंपनियों और व्यक्तियों की पिछले पांच साल की औसत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह रिपोर्ट तैयार की है।
बेजोस को मिला था यह सम्मान
साल 1999 में टाइम मैगजीन ने जेफ बेजोस को 'पर्सन ऑफ द ईयर' और 'द किंग ऑफ साइबर कॉमर्स' की उपाधि दी गई थी। खास बात यह है कि बेजोस 35 साल की उम्र में यह पुरस्कार पाने वाले चौथे युवा थे।