फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bill Gates: 'दुनिया में कार्बन उत्सर्जन रोकने से ज्यादा जरूरी लोगों का दर्द कम करना', बोले बिल गेट्स

Tue, 28 Oct 2025 02:00 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिल गेट्स ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के बजाय मानवीय पीड़ा को कम करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उनका मानना है कि वैज्ञानिक नवाचार जलवायु परिवर्तन को रोक देंगे। आइए विस्तार से जानें। 
विज्ञापन
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक खतरा है, लेकिन यह सभ्यता के अंत की कहानी नहीं है। गेट्स का मानना है कि वैज्ञानिक नवाचार इस संकट को काबू करने में मदद करेगा। इसलिए दुनिया को अब अपनी जलवायु संघर्ष में रणनीतिक मोड़ लाने की जरूरत है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: RBI: आरबीआई ने लौटाई जना एसएफबी की यूनिवर्सल बैंक अर्जी, शेयरों में आई करीब तीन प्रतिशत की गिरावट

मौजूदा दृष्टिकोण बेहद निराशावादी- गेट्स 

गेट्स का कहना है कि मौजूदा दृष्टिकोण बेहद निराशावादी हो गया है, जिसमें तापमान बढ़ोतरी को रोकने के अल्पकालिक लक्ष्यों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती पर इतना जोर है कि इससे गरीबी घटाने, बीमारी रोकने और गर्म हो रही दुनिया में जीवन सुधारने के लिए उठाए जाने वाले अधिक प्रभावी कदमों से संसाधन हट रहे हैं।

तापमान बढ़ोतरी से ज्यादा मानव पीड़ा पर रोकने पर ध्यान दें

उन्होंने कहा कि दुनिया का प्राथमिक लक्ष्य तापमान बढ़ोतरी रोकने से ज्यादा मानव पीड़ा को कम करना होना चाहिए, खासकर गरीब देशों में रहने वाले लोगों की। गेट्स ने कहा कि अगर उन्हें विकल्प दिया जाए कि मलेरिया समाप्त किया जाए या तापमान वृद्धि को 0.1 डिग्री रोका जाए, तो वे बिना हिचक तापमान में हल्की बढ़ोतरी स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि लोग आज मौजूद पीड़ा को समझते ही नहीं हैं।

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

गेट्स फाउंडेशन का फोकस- स्वास्थ्य और विकास

आजकल गेट्स अपनी फाउंडेशन के लक्ष्यों पर सबसे ज्यादा समय दे रहे हैं, जिसने स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास पहलों में अब तक कई अरब डॉलर झोंके हैं। HIV/AIDS, टीबी और मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में भी फाउंडेशन प्रमुख भूमिका निभा रहा है। 2015 में उन्होंने ब्रेकथ्रू एनर्जी की शुरुआत की, जिसका मकसद स्वच्छ ऊर्जा नवाचारों को तेजी से बढ़ावा देना है।

गेट्स के मेमो में दुनिया के नेताओं के लिए प्रश्न 

गेट्स का 17 पन्नों का यह मेमो अगले महीने ब्राजील में होने वाली संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन से पहले जारी किया गया है। वह दुनिया के नेताओं से पूछना चाहते हैं कि जलवायु पर खर्च हो रहे सीमित धन को सही जगह निवेश किया जा रहा है या नहीं।

गेट्स का संदेश विवादों को देगा जन्म 

गेट्स ने माना कि उनका यह संदेश विवादों को जन्म देगा। उनका कहना है कि अगर आपको लगता है जलवायु कोई बड़ी समस्या नहीं है, तो आप सहमत नहीं होंगे। अगर आप जलवायु को ही सब कुछ मानते हैं और कयामत की तरह देखते हैं, तो भी आप सहमत नहीं होंगे। मेरा दृष्टिकोण व्यवहारिक है, पैसा और नवाचार वहीं लगना चाहिए, जहां गरीब देशों की सबसे ज्यादा मदद हो। गेट्स का यह बयान वैश्विक जलवायु नीति के फोकस को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें