भारत में जारी होने वाले सभी तरह के डेबिट व क्रेडिट कार्ड को बैंक ग्राहक अपनी मर्जी से ऑन-ऑफ कर सकेंगे। कार्ड से होने वाले फ्रॉड के मामलों में इजाफा होने की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तरह की सुविधा को शुरू करने का निर्देश सभी बैंकों को दिया है।
बैंकों के ग्राहक अपने डेबिट व क्रेडिट कार्ड पर ऑनलाइन, फिजीकल, कांटैक्ट लेस के ट्रांजेक्शन को अपनी मर्जी से ऑन-ऑफ कर सकते हैं। इसके साथ ही बैंक ग्राहक कार्ड पर ट्रांजेक्शन की लीमिट को भी सेट कर सकेंगे। यह नियम पाइंट ऑफ सेल मशीन और एटीएम पर भी लागू होगा।
नए जारी होने वाले कार्ड भी केवल एटीएम और पाइंट ऑफ सेल मशीन पर इस्तेमाल हो सकेंगे। अन्य ट्रांजेक्शन जैसे कि ऑनलाइन और कांटैक्ट लेस करने के लिए ग्राहकों को इसे खुद ही एक्टिवेट करना होगा। यह नया नियम पूरे देश में 16 मार्च 2020 तक लागू होगा।
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंकों को अपने ग्राहकों को यह सुविधा मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम अथवा आईवीआर से देनी होगी। इसके अलावा बैंक ग्राहक बैंक की शाखा में जाकर भी यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि जिन जारी हुए कार्ड का इस्तेमाल कभी भी ऑनलाइन, पीओएस या फिर कांटैक्ट लेस ट्रांजेक्शन के लिए नहीं किया गया है, उनको यह सुविधा नहीं मिलेगी।