देश में हवाई यात्राएं एक बार फिर महंगी हो सकती हैं, क्योंकि जेट ईंधन की कीमतें मंगलवार को नए उच्च स्तर पर पहुंच गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ने से घरेलू बाजार में एटीएफ के दाम 8.5 फीसदी बढ़ाए गए हैं।
विज्ञापन
एक ओर जहां विमानों के ईंधन या एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के दाम एक माह में तीसरी बढ़ा दिए गए हैं, वहीं पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार 88 वें दिन यथावत रहे। सरकारी क्षेत्र की तेल कंपनियों के अनुसार दिल्ली में एटीएफ के दाम 6,743.25 प्रति किलोलीटर या 8.5 फीसदी बढ़ाकर 86,038.16 प्रति किलोलीटर कर दिए गए हैं।
एटीएफ के ये दाम अब तक के सर्वाधिक हैं, जबकि अगस्त 2008 में दाम 71,028.26 प्रति किलोलीटर थे। तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 147 डॉलर प्रति बैरल थे। इसकी तुलना में मंगलवार को ब्रेंट क्रूड के दाम 91.21 डॉलर प्रति बैरल रहे। एटीएफ के दामों में बढ़ोतरी से पहले से आर्थिक संकट से जूझ रही एयर लाइंस पर और दबाव पड़ सकता है।
विज्ञापन
एटीएफ के दाम में मंगलवार को की गई बढ़ोतरी एक माह में तीसरी है। इससे पहले 1 जनवरी को दाम में 2,039.63 या 2.75 फीसदी प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी और ये बढ़कर 76,062.04 पर पहुंच गए थे। इसके बाद 16 जनवरी को 3,232.87 रुपये या 4.25 फीसदी किलोलीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इससे दाम बढ़कर 79,294.91 प्रति किलोलीटर तक पहुंच गए थे।
इससे पहले नवंबर व दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने से दो बार एटीएफ के दाम कम किए गए थे। लेकिन इसके बाद से कच्चे तेल के दाम चढ़ना शुरू हो गए और एटीएफ के दामों में बढ़ोतरी करना पड़ी।