देश में ओमिक्रॉन के तेजी से फैलने के कारण जनवरी से मार्च के लिए टिकट बुक कराने वाले ज्यादातर यात्रियों ने अपनी योजना में बदलाव किया और होटल व विमानन कंपनियों से टिकट रद्द करने का अनुरोध किया। सर्वे में शामिल लोगों से यह पूछने पर कि रद्द करने की प्रक्रिया कैसी रही?
देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण कोरोना महामारी की तीसरी लहर के दौरान हवाई टिकट रद्द कराने वाले एक तिहाई से कम लोगों को रिफंड मिला। एक ऑनलाइन सर्वे में कहा गया है कि जिन लोगों को इसकी वजह से अपने होटल की बुकिंग निरस्त करानी पड़ी उनमें 34 फीसदी लोग रिफंड पाने में कामयाब रहे। इस सर्वे में देश के 332 जिलों के 20,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
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देश में ओमिक्रॉन के तेजी से फैलने के कारण जनवरी से मार्च के लिए टिकट बुक कराने वाले ज्यादातर यात्रियों ने अपनी योजना में बदलाव किया और होटल व विमानन कंपनियों से टिकट रद्द करने का अनुरोध किया। सर्वे में शामिल लोगों से यह पूछने पर कि रद्द करने की प्रक्रिया कैसी रही? इसके जवाब में 29 फीसदी लोगों ने कहा कि ट्रेवल एजेंट या एयरलाइंस ने उनके आवेदन स्वीकार कर पूरे पैसे वापस कर दिए, जबकि 14 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्हें आंशिक पैसे ही वापस मिले।
इस पर लोकलसर्किल्स के संस्थापक सचिन तापड़िया ने कहा कि इस मंच पर लोग राय दे रहे हैं कि सरकार को कोविड महामारी जारी रहने तक यात्रा बुकिंग रद्द किए जाने पर नीति बनानी चाहिए। खासतौर पर एयरलाइंस और होटलों के लिए पैसा वापसी के लिए विशेष नीति की दरकार है।