दिवाली के करीब आते ही विमानन कंपनियों ने ग्राहकों की जेब काटनी शुरू कर दी है। आलम यह है कि उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में दिल्ली और मुंबई से यात्रा करने के लिए 30,000 रुपये तक किराया लिया जा रहा है। जबकि थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर और हांगकांग के लिए महज 17,000 रुपये में ही आप जा सकते हैं। विमानन कंपनियों की इस लूट से ग्राहकों को जबरदस्त परेशानी झेलनी पड़ रही है।
| रूट | 18 अक्तूबर | 9 अक्तूबर |
|---|---|---|
| दिल्ली - वाराणसी | 8,788 - 20,038 रुपये | 3,700 रुपये |
| दिल्ली - प्रयागराज | 19,654 रुपये | 4,950 रुपये |
| दिल्ली - कानपुर | 12,358 रुपये | 3,958 रुपये |
| मुंबई - वाराणसी | 15,276 - 29,604 रुपये | 5,300 रुपये |
| मुंबई - प्रयागराज | 20,403 रुपये | 5,700 रुपये |
| मुंबई - कानपुर | 20,404 रुपये | 7,109 रुपये |
| रूट | किराया (रुपये में) |
|---|---|
| दिल्ली - बैंकॉक | 8,750 रुपये |
| दिल्ली - दुबई | 11,308 रुपये |
| दिल्ली - मलयेशिया | 13,315 रुपये |
| दिल्ली - सिंगापुर | 17,799 रुपये |
| दिल्ली - हांगकांग | 16,282 रुपये |
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त्योहार पर घर पहुंचने के लिए नहीं मिल रहे साधन
त्योहारों या व्यस्त समय में विमानन कंपनियां फायदा उठाती हैं। छोटे रूट पर भी ये कंपनियां तीन से चार गुना तक किराया बढ़ा देती हैं। दिवाली के समय आलम यह है कि दिल्ली से लखनऊ, प्रयागराज या वाराणसी के लिए वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी टिकट नहीं है। अच्छी खासी वेटिंग चल रही है। बसों का किराया इस समय 4 से 5 हजार रुपये पहुंच गया है। ऐसे में त्योहार में अपने गांव जाने वाले यात्रियों को इस समय यातायात का कोई भी साधन उपलब्ध नहीं है।