कर्ज और घाटे के बोझ तले दबी सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के पायलटों ने बकाया भुगतान व सेवा नियमों को लेकर नाराजगी जताई है। वाणिज्यिक पायलटों के संगठन आईसीपीए ने सरकार को नौकरी छोड़ने की चेतावनी देते हुए कहा है कि अनिश्चितता के मौजूदा माहौल में काम करना संभव नहीं है।
इंडियन कॉमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एक दिन पहले नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर जल्द बकाया भुगतान दिलाने की मांग की थी। संगठन ने बुधवार को कहा कि या तो सरकार उनके बकाए का भुगतान कराए अथवा बिना नोटिस पीरियड के नौकरी छोड़ने की इजाजत दे। वेतन में दिक्कतों की वजह से 65 पायलट इस्तीफा दे चुके हैं, जो 6 महीने का नोटिस पीरियड काट रहे हैं।
एयर इंडिया के करीब 800 पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाले आईसीपीए ने कहा, सरकार का यह बयान कि 31 मार्च, 2020 तक कंपनी को बेचा नहीं गया तो बंद करना पड़ेगा, काफी निराशाजनक है। अनिश्चितता के ऐसे माहौल में करना संभव नहीं है। हम बंधुआ मजदूर नहीं हैं। लिहाजा सरकार हमें बिना नोटिस के नौकरी छोड़ने की इजाजत दे। हमारे अलाउंस और वेतन में देरी की वजह से होम लोन सहित अन्य तरह के कर्ज डिफाल्ट हो रहे हैं।
नौकरी छोड़ने पर कंपनी वापस मांग रही वेतन
एयर इंडिया का प्रबंधन नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को रोकने के लिए दबाव बना रहा है। कंपनी के आर्थिक संकट को देखते हुए कई पायलट और इंजीनियर नौकरी छोड़ रहे हैं। इनमें से कई इंजीनियर्स ट्रेनिंग के तत्काल बाद नौकरी छोड़ना चाहते हैं। ऐसे कर्मचारियों से कंपनी ट्रेनिंग का खर्च और वेतन वापस मांग रही है। इसमें हॉस्टल का खर्च और टीए-डीए भी शामिल होगा।