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DGCA Action: एयर इंडिया पर ₹90 लाख का जुर्माना, अयोग्य पायलट्स के साथ उड़ान भरने पर डीजीसीए ने की कार्रवाई

Fri, 23 Aug 2024 03:15 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

DGCA Action: विमानन नियामक डीजीसीए ने टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया पर अयोग्य पायलट्स के साथ उड़ान संचालित करने के लिए 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावे, एयर इंडिया के संचालन निदेशक पंकुल माथुर और प्रशिक्षण निदेशक मनीष वासवदा पर 6 लाख रुपये और 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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डीजीसीए - फोटो : ANI
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विस्तार
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विमानन नियामक डीजीसीए ने टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया पर अयोग्य पायलट्स के साथ उड़ान संचालित करने के लिए 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, नियामक ने इस चूक के लिए एयर इंडिया के संचालन निदेशक पंकुल माथुर और प्रशिक्षण निदेशक मनीष वासवदा पर 6 लाख रुपये और 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 

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एक विज्ञप्ति में, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि संबंधित पायलट को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है, "एयर इंडिया लिमिटेड ने एक गैर-प्रशिक्षित लाइन कैप्टन द्वारा संचालित एक उड़ान का संचालन किया। उसके साथ एक गैर प्रशिक्षित प्रथम अधिकारी भी भेजा गया। नियामक ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर चूक के रूप में देखा है।" 

उल्लंघन के लिए, डीजीसीए ने एयर इंडिया पर 90 लाख रुपये, संचालन निदेशक पर 6 लाख रुपये और प्रशिक्षण निदेशक पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 10 जुलाई को एयरलाइन की ओर से प्रस्तुत स्वैच्छिक रिपोर्ट के जरिए घटना के संज्ञान में आने के बाद, नियामक ने दस्तावेजों की जांच और शेड्यूलिंग सुविधा की मौके पर जांच के साथ एयरलाइन के संचालन की भी जांच की। 
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नियामक की ओर से एक विज्ञप्ति में कहा गया, "जांच के आधार पर,  प्रथम दृष्टया पता चला है कि कई पदधारकों और कर्मचारियों द्वारा विनियामक प्रावधानों का उल्लंघन किया गया , जो सुरक्षा को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं।" डीजीसीए ने यह भी कहा कि फ्लाइट के कमांडर और एयरलाइन के पदधारकों को 22 जुलाई को जारी कारण बताओ नोटिस के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया गया था।

डीजीसीए ने एक नोट में बताया संबंधित व्यक्तियों की ओर से दिए गए उत्तर संतोषजनक नहीं थे। इसके बाद, डीजीसीए ने मौजूदा नियमों/विनियमों के प्रावधानों के संदर्भ में प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की और उपरोक्त जुर्माना लगाया।

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