एअर इंडिया ने बुधवार को कहा कि उसने अपने परिचालन में शामिल बोइंग 787 (ड्रीमलाइनर) विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच की एहतियाती जांच पूरी कर ली है और जांच के दौरान किसी तरह की तकनीकी खामी नहीं पाई गई।
सोमवार को एअर इंडिया के एक पायलट ने लंदन हीथ्रो से बंगलूरू की उड़ान संचालित करने के बाद बोइंग 787-8 विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। संबंधित उड़ान में 200 से अधिक यात्री सवार थे, जो सोमवार सुबह बंगलूरू में उतरी।
डीजीसीए के मुताबिक 1 फरवरी को लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर इंजन स्टार्ट करते समय बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच दो बार रन पोजिशन में ठीक से लॉक नहीं हुआ। तीसरी कोशिश में स्विच सही तरह से लॉक हो गया। इसके बाद क्रू ने आगे की प्रक्रिया जारी रखने से पहले स्विच की फिजिकल जांच की और सुनिश्चित किया कि वह पूरी तरह रन स्थिति में स्थिर है। इसके बाद ही उड़ान आगे बढ़ाई गई।
मंगलवार को डीजीसीए की शुरुआती जांच में पाया गया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच के संचालन के दौरान प्रतीत होता है कि सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। इसके बाद एयरलाइन को निर्देश दिया गया कि वह सुनिश्चित करे कि क्रू निर्धारित प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन करे।
गौरतलब है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच की कार्यप्रणाली हाल के समय में खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि पिछले साल जून में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन आपूर्ति कटने का उल्लेख किया गया था, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी।