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Air India: एअर इंडिया ने बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच हुई पूरी, दावा- कोई खामी नहीं

Wed, 04 Feb 2026 07:37 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एअर इंडिया ने अपने सभी ऑपरेशनल बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की एहतियाती जांच पूरी कर ली है, जिसमें कोई तकनीकी खामी नहीं पाई गई। यह जांच लंदन-बंगलूरू उड़ान के दौरान एक पायलट द्वारा स्विच में खराबी की रिपोर्ट के बाद की गई थी।
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एअर इंडिया - फोटो : ANI
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विस्तार
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एअर इंडिया ने बुधवार को कहा कि उसने अपने परिचालन में शामिल बोइंग 787 (ड्रीमलाइनर) विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच की एहतियाती जांच पूरी कर ली है और जांच के दौरान किसी तरह की तकनीकी खामी नहीं पाई गई।

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यह जांच रविवार को लंदन हीथ्रो से बंगलूरू जाने वाली एक उड़ान में फ्यूल कंट्रोल स्विच के खराब होने की घटना के बाद की गई थी। एहतियातन एयरलाइन ने पूरे 787 बेड़े की जांच कराई। वर्तमान में एयर इंडिया के पास कुल 33 बोइंग 787 विमान हैं, जिनमें से 28 विमान परिचालन में हैं। एयरलाइन ने कहा कि सभी ऑपरेशनल विमानों की जांच के बाद उड़ान सुरक्षा को लेकर कोई चिंता सामने नहीं आई है।

एअर इंडिया ने बयान में कहा कि यह जांच एक पायलट द्वारा दर्ज की गई ऑब्जर्वेशन के बाद अतिरिक्त सतर्कता के तहत की गई। एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह नियामक संस्था द्वारा की गई स्वतंत्र जांच और उसके बाद एफसीएस को क्लियर किए जाने की सराहना करती है।

क्या था मामला?

सोमवार को एअर इंडिया के एक पायलट ने लंदन हीथ्रो से बंगलूरू की उड़ान संचालित करने के बाद बोइंग 787-8 विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। संबंधित उड़ान में 200 से अधिक यात्री सवार थे, जो सोमवार सुबह बंगलूरू में उतरी।

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एअर इंडिया ने यह भी कहा कि वह नियामक के निर्देशों के अनुसार एफसीएस के संचालन से जुड़ी ओईएम (मूल उपकरण निर्माता)  द्वारा सुझाई गई प्रक्रियाओं को सभी क्रू सदस्यों तक पहुंचाएगी और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगी।

क्या थी फ्यूल कंट्रोल स्विच की दिक्कत?

डीजीसीए के मुताबिक 1 फरवरी को लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर इंजन स्टार्ट करते समय बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच दो बार रन पोजिशन में ठीक से लॉक नहीं हुआ। तीसरी कोशिश में स्विच सही तरह से लॉक हो गया। इसके बाद क्रू ने आगे की प्रक्रिया जारी रखने से पहले स्विच की फिजिकल जांच की और सुनिश्चित किया कि वह पूरी तरह रन स्थिति में स्थिर है। इसके बाद ही उड़ान आगे बढ़ाई गई।

डीजीसीए की शुरुआती जांच में क्या आया सामने?

मंगलवार को डीजीसीए की शुरुआती जांच में पाया गया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच के संचालन के दौरान प्रतीत होता है कि सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। इसके बाद एयरलाइन को निर्देश दिया गया कि वह सुनिश्चित करे कि क्रू निर्धारित प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन करे।

गौरतलब है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच की कार्यप्रणाली हाल के समय में खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि पिछले साल जून में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन आपूर्ति कटने का उल्लेख किया गया था, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी।

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