एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने गुरुवार को कर्मचारियों को ईमानदारी से काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब कोई न देख रहा हो, तब भी सही काम करें। विल्सन ने कर्मचारी यात्रा विशेषाधिकारों के दुरुपयोग सहित कई मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गलत काम करने के गंभीर परिणामों की भी चेतावनी दी।
विल्सन की यह टिप्पणी एक टाउनहॉल बैठक के दौरान आई। यह मुख्य रूप से जनवरी 2022 में निजीकरण के बाद से विभिन्न उल्लंघनों के लिए करीब 1,000 लोगों की सेवा समाप्ति के संदर्भ में थी। सूत्रों के अनुसार, विल्सन ने कहा कि अभी भी ऐसे मामले हैं जहां लोग नियमों और विनियमों को खुद पर लागू नहीं मानते।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गलत काम करने के अवसर कम होते जा रहे हैं। गलत काम करने के परिणाम केवल बढ़ते जाएंगे। विल्सन ने कर्मचारियों से गलत काम देखने पर उसकी रिपोर्ट करने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि एयरलाइन ने निजीकरण के बाद से दुरुपयोग को रोकने और उससे निपटने के लिए प्रणाली और नियंत्रण लागू किए हैं। इन प्रणालियों को और मजबूत किया जाएगा।
क्या हैं गलत कामों के परिणाम?
विल्सन ने स्पष्ट किया कि गलत काम करने के परिणाम लगातार बढ़ेंगे। जनवरी 2022 में टाटा समूह द्वारा एअर इंडिया के अधिग्रहण के बाद से, लगभग 1,000 कर्मचारियों को विभिन्न उल्लंघनों के कारण सेवा से बर्खास्त किया गया है। यह दर्शाता है कि प्रबंधन कदाचार के प्रति सख्त रुख अपना रहा है। विल्सन ने कहा कि अब गलत काम करके बच निकलने की संभावना कम होती जा रही है। उन्होंने कर्मचारियों को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी।
पायलट से जुड़ा कौन सा मामला सामने आया?
विल्सन की टिप्पणियां एक ऐसी घटना के बाद आई हैं, जिसमें एक पायलट-इन-कमांड का नाम सामने आया। यह पायलट फुकेत-दिल्ली उड़ान का था। 4 अगस्त को इस पायलट का साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए परीक्षण सकारात्मक आया था। इसी उड़ान ने क्रूज के दौरान अचानक 300 फीट की ऊंचाई खो दी थी। हालांकि, विल्सन ने सीधे तौर पर इस घटना का जिक्र नहीं किया। यह मामला कर्मचारियों के बीच अनुशासन की कमी को उजागर करता है।
एअर इंडिया ने क्या कदम उठाए हैं?
एअर इंडिया ने निजीकरण के बाद से दुरुपयोग को रोकने के लिए कई प्रणालियां शुरू की हैं। इन प्रणालियों का उद्देश्य कदाचार को पकड़ना और उससे निपटना है। विल्सन ने कहा कि एयरलाइन इन नियंत्रणों को लगातार मजबूत करती रहेगी। टाटा समूह ने जनवरी 2022 में घाटे में चल रही एयरलाइन का अधिग्रहण किया था। विल्सन अगले महीने एयरलाइन छोड़ देंगे, क्योंकि उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है।