रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित सात भारतीय राज्य 2031 तक 1380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 12 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है। सीबीआरई (कोल्डवेल बैंकर रिचर्ड एलिस) ने शुक्रवार को 'द पॉलिसी एडवांटेज: पावरिंग इंडियाज जीसीसी ग्रोथ' नामक अपनी रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट भारत में जीसीसी के विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर केंद्रित है।
कर्नाटक 500 जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिससे 3.5 लाख रोजगार पैदा होंगे। महाराष्ट्र का लक्ष्य 200 जीसीसी के साथ 4 लाख नए रोजगार का अवसर पैदा करना है। राजस्थान 200 से अधिक जीसीसी और 1.5 लाख रोजगार की संभावना देख रहा है। गुजरात 250 से अधिक जीसीसी का लक्ष्य बना रहा है, जिससे 50,000 रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। केरल 80 जीसीसी का लक्ष्य लेकर 1.6 लाख रोजगार पैदा करने का इरादा रखता है।
हरियाणा सरकार 100 से अधिक जीसीसी का लक्ष्य बना रही है, जिससे 30,000 रोजगार सृजित होंगे। इसी तरह, मध्य प्रदेश 50 से अधिक जीसीसी और 37,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य लेकर चल रहा है। सीबीआरई ने बताया कि तमिलनाडु ने जीसीसी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन पेश किए हैं। तेलंगाना और दिल्ली ने जीसीसी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत ढांचे अपनाए हैं। कई अन्य राज्य भी इस क्षेत्र के लिए नीतिगत ढांचे तलाश रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जीसीसी ने 2022 और 2026 के पहले छह महीनों के बीच भारत के शीर्ष नौ शहरों में 123 दस लाख वर्ग फुट से अधिक कार्यालय स्थान पट्टे पर लिया है। यह आंकड़ा जीसीसी क्षेत्र में मजबूत वृद्धि और विस्तार को दर्शाता है। राज्य सरकारों की नीतियां इस वृद्धि को और गति देंगी। भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यह देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
बीपीटीपी के सीईओ एवं प्रेसिडेंट मानिक मलिक ने कहा, "पिछले पांच वर्षों में गुरुग्राम ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, मजबूत कॉर्पोरेट डिमांड और लोगों की बदलती जीवनशैली संबंधी प्राथमिकताओं के चलते अपने ऑफिस और आवासीय दोनों बाजारों में लगातार विस्तार दर्ज किया है। आवासीय बाजार अब संरचनात्मक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, सदर्न पेरिफेरल रोड और न्यू गुरुग्राम जैसे प्रमुख कॉरिडोर में मांग लगातार बढ़ रही है। कमर्शियल सेगमेंट में भी ऑफिस डेवलपमेंट अब साइबर सिटी और गोल्फ कोर्स रोड जैसे स्थापित बिजनेस हब तक सीमित नहीं है, बल्कि गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, एसपीआर और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे उभरते बिजनेस केन्द्रों तक तेजी से विस्तार कर रहा है।