सॉफ्टबैंक समूह के विजनरी सीईओ मासायोशी सोन ने सोमवार को एक चौंकाने वाला और भावनात्मक खुलासा किया। दिग्गज निवेश कंपनी के मुखिया ने स्वीकार किया कि दुनिया की सबसे मूल्यवान चिप निर्माता कंपनी, एनवीडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचना उनके लिए किसी दर्द से कम नहीं था। टोक्यो में एफआईआई (FII) प्रायोरिटी एशिया फोरम के मंच से सोन ने बताया कि जब उन्होंने एनवीडिया के शेयर बेचे, तो उन्हें रोना आ गया था। सोन की यह स्वीकारोक्ति केवल उनके निवेश से जुड़ी बात नहीं है, बल्कि एआई (AI) की दुनिया में प्रभुत्व जमाने के लिए सॉफ्टबैंक की आक्रामक रणनीति का प्रमाण भी है। सोन ने कहा, "मैं एक भी शेयर नहीं बेचना चाहता था।"
बाजार में चल रही एआई निवेश को 'बुलबुला' बताने की अटकलों को भी 68 वर्षीय जापानी दिग्गज ने सिरे से खारिज कर दिया। अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में सोन ने कहा, "जो लोग एआई निवेश के इर्द-गिर्द बुलबुले की बात करते हैं, वे उतने समझदार नहीं हैं।"
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पिछले साल एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने एक सार्वजनिक मंच पर सोन के साथ एक हल्का-फुल्का मजाक किया था। पिछले साल नवंबर में जापान यात्रा के दौरान, हुआंग ने याद दिलाया था कि एक समय मासायोशी सोन एनवीडिया के सबसे बड़े शेयरधारक थे। उस पल को याद करते हुए हुआंग ने कहा था, "मासा दुनिया के एकमात्र उद्यमी हैं, जिन्होंने हर पीढ़ी में विनर्स को चुना है... लेकिन शायद आप लोग नहीं जानते, एक समय मासा हमारे सबसे बड़े शेयरधारक थे।"
इस टिप्पणी पर सोन ने हुआंग के कंधे पर सिर रखकर रोने का अभिनय किया था, जो उनकी ओर से छोड़े गए भारी रिटर्न के मलाल को दर्शाता था। हुआंग ने तब सहानुभूति और हास्य के मिश्रण के साथ जवाब दिया था, "कोई बात नहीं। हम रो सकते हैं। हम साथ में रो सकते हैं। क्या तुम सोच सकते हो? आज आप सबसे बड़े शेयरधारक होते। हे भगवान।"