दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के सह संस्थापक और वर्तमान में कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कंपनी की सालाना जनरल मीटिंग यानी एजीएम में कहा है कि युवाओं को देश सेवा का अवसर और सैन्य अनुभव देने के लिए सरकार यह योजना लेकर आयी है।
देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के को फाउंडर और चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने सेनाओं में युवाओं को सैन्य अनुभव लेने का अवसर देने के लिए लायी गई केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का समर्थन किया है। इंफोसिस के चेयरमैन नीलेकणी ने कहा है कि अग्निपथ योजना से रिटायर होने वाले अग्निवीरों की की नियुक्ति के लिए कंपनी अपनी चयन प्रक्रिया का पालन करेगी।
विज्ञापन
दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के सह संस्थापक और वर्तमान में कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कंपनी की सालाना जनरल मीटिंग यानी एजीएम में यह भी कहा है कि युवाओं को देश सेवा का अवसर और सैन्य अनुभव देने के लिए सरकार यह योजना लेकर आयी है। इंफोसिस केंद्र की इस योजना के परिणामों और और संभावनाओं को समझती है।
नीलेकणी ने कहा है कि वे मानते हैं कि अग्निपथ योजना युवाओं के लिए बेहद अनुशासित माहौल में अपना करियर शुरू करने का मौका देती है। साथ ही यह योजना उन्हें भविष्य के करियर के लिए कौशन विकसित करने का मौका भी मुहैया करायेगी। इंफोसिस में हमेशा प्रतिभाशाली लोगों को जगह मिलती है, अग्निपथ स्कीम के तहत बहाली के तीन सालों के बाद रिटायर होने वालों को भी इंफोसिस में जगह मिलेगी। इसके लिए, कंपनी अपनी चयन प्रक्रिया का पालन करेगी।
विज्ञापन
खबरों के मुताबिक नंदन नीलेकणि ने ये बातें इंफोसिस के एजीएम में एक शेयरहोल्डर के सवाल का जवाब देते हुए कही है। कंपनी के एक शेयरधारक ने नीलेकणि से पूछा था कि क्या इंफोसिस रिटायरमेंट के बाद अग्निवीरों को नौकरी मुहैया करायेगी?
आपको बता दें कि इंफोसिस में वर्तमान में 3 लाख से अधिक कर्मचारी हैं, जो दुनिया के कई देशों में काम करते है। इन कर्मचारियों में 39.6 फीसदी महिलाएं हैं।
इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि से पहले महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, बायोकॉन की चेयरमैन किरण मजूमदार शॉ और आपोलो हॉस्पिटल की एमडी संगीता रेड्डी जैसी हस्तियां भी केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम का समर्थन कर चुके हैं।