अभी लोगों को जो पासपोर्ट जारी होता है वो साधारण होता है। लेकिन अप्रैल 2019 में जो पासपोर्ट जारी किए जाएंगे उनमें एक चिप भी लगा होगा। चिप में वही सूचनाएं होती हैं, जो पासपोर्ट के डेटा पेज पर छपी होती हैं। चिप के जरिये इमिग्रेशन अधिकारियों को नकली पासपोर्ट का पता लगाने और पासपोर्ट का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद मिलेगी।
ऐसे रुकेगी धोखाधड़ी
संसद के शीतकालीन सत्र में 'सरकार ने नासिक के इंडिया सिक्योरिटी प्रेस (आईएसपी) में ई-पासपोर्ट की मैन्युफैक्चरिंग के लिए इलेक्ट्रॉनिक कॉन्टैक्टलेस इनलेज के प्रोक्योरमेंट को मंजूरी दे दी है। इस सिलसिले में इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन कंप्लायंट इलेक्ट्रॉनिक कॉन्ट्रैक्टलेस इनलेज के साथ ऑपरेटिंग सिस्टम खरीदने के लिए आईएसपी नासिक को तीन स्तर का टेंडर निकालने की अनुमति दी गई है।
यह ऑपरेटिंग सिस्टम ई-पासपोर्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी है। टेंडर और प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिए जाने के बाद ई-पासपोर्ट की मैन्युफैक्चरिंग शुरू होगी। 'पासपोर्ट्स की डुप्लिकेसी रोकने के लिए विदेश मंत्रालय देशभर के पासपोर्ट सेंटरों को सभी भारतीय राजनयिक मिशन के साथ जोड़ने की खातिर सिस्टम बनाएगा।