पश्चिमी देशों से बढ़ते टकराव के बीच चीन अपने निर्यात की दिशा बदलने की कोशिशों में जुटा हुआ है। अब उसका लक्ष्य मध्य एशियाई देशों को निर्यात ब़ढ़ाना है। इस मकसद में उसे कामयाबी मिलती भी नजर आ रही है। बीते मार्च में मध्य एशियाई देशों के लिए चीन के निर्यात में 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। जबकि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए उसके निर्यात में सिर्फ 35 प्रतिशत वृद्धि हुई।
चीन पूर्व सोवियत गणराज्यों के साथ-साथ तुर्किये और ईरान को अपने निर्यात का बड़ा बाजार बनाने में जुटा हुआ है। उसकी यह कोशिश उसकी महत्त्वाकांक्षी योजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) से भी जुड़ जाती है। ज्यादातर मध्य एशियाई बीआरआई का हिस्सा हैँ। वेबसाइट एशिया टाइम्स पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक मध्य एशिया के लिए चीन का निर्यात 2018 की तुलना में तीन गुना अधिक हो चुका है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक कई पहलुओं ने इस वृद्धि में योगदान किया है। इनमें एक बड़ा पहलू चीन का निवेश है। चीन मध्य एशिया क्षेत्र में ऊर्जा, खनिज संसाधनों और रेल परिवहन के निर्माण में भारी निवेश कर रहा है। उसने चीन से किर्गिजस्तान और उज्बेकिस्तान तक रेल लाइन बनाने की योजना पेश की है। बताया जाता है कि इस परियोजना का निर्माण कार्य अगले वर्ष शुरू हो जाएगा।