आयकर विभाग ने कहा है कि एनडीटीवी की प्रमोटर ग्रुप फर्म आरआरपीआर होल्डिंग को वीसीपीएल को दिए गए वारंट्स को इक्विटी शेयर में बदलने के लिए उसकी ओर से हरी झंडी लेने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग की ओर से यह नोटिफिकेशन शुक्रवार को जारी किया गया है। बता दें कि वीसीपीएल (विश्वप्रधान कमर्शियल प्रा लि) अदाणी इंटरप्राइजेस की सब्सिडियरी है। जिसकी ओर से पिछले दिनों आरआरपीआर से मिले वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदलने की बात कही गई थी।
बीते 23 अगस्त को वीसीपीएएल की ओर से आरआरपीआर होल्डिंग एक नोटिस भेजकर कहा गया था कि वह उसकी ओर से वर्ष 2009 में जारी वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदल रही है। जिसके बाद से आरआरपीआर पर उनका 99.5% प्रतिशत कंट्रोल हो जाएगा।
स्टॉक एक्सचेंज को भेजे गए एक ताजा नोटिफिकेशन में वीसीपीएल ने कहा था कि उसने आयकर विभाग से इस संबंध में स्थिति साफ करने को कहा है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग ने उसी के जवाब में यह कहा है कि आरआरपीआर पर वारंट्स को इक्विटी शेयर में बदलने के मामले में उसकी ओर से कोई बंदिश नहीं लगाई गई है। अतिरिक्त आयकर आयुक्त की ओर से यह नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
बता दें कि पिछले हफ्ते आरआरपीआर की ओर से कहा गया था कि उसे अपनी ओर से जारी वारंट्स को एक्सरसाइज करने के लिए जो कि इक्विटी शेयर के रूप में 29.18% है आयकर विभाग ही इजाजत की जरूरत होगी। उसके बाद अदाणी इंटरप्राइजेज की ओर से आरआरपीआर होल्डिंग की ओर से किए गए इस दावे को खारिज करते हुए कहा गया था कि ये दावे योग्यता आधारित या कानून आधारित नहीं है। यह उनकी ओर से गलत बात कही जा रही है।
एक्सचेंस फाइलिंग के दौरान कंपनी की ओर से कहा गया था कि 281बी के तहत जारी किया गया आयकर विभाग का आदेश केवल एनडीटीवी के उन शेयरों के लिए है जो आरआरपीआर के पास हैं। यह आरआरपीआर की ओर से वीसीपीएल काे दिए वारंट्स को इक्विटी शेयर में बदलने की औपचारिक प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाते हैं।