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Adani Row: 'अदाणी मामले में अभी तक नहीं मिली कोई नियामकीय गड़बड़ी', विशेषज्ञ समिति ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

Fri, 19 May 2023 06:28 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कमेटी ने कहा कि प्रथम दृष्टया निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि मूल्यों में हेरफेर या किसी तरह की नियामकीय विफलता हुई है।
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गौतम अदाणी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अदाणी-हिंडनबर्ग मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 'वर्तमान में सेबी की ओर से मिले आंकड़ों और स्पष्टीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रथम दृष्टया निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि मूल्यों में हेरफेर या किसी तरह की नियामकीय विफलता हुई है।'

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क्या है सुप्रीम कोर्ट की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में
विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि अदाणी ग्रुप ने शेयरों के मूल्यों में कोई गड़बड़ी नहीं की थी। आर्टिफिशियल ट्रेडिंग या एक ही पार्टी द्वारा बार-बार ट्रेडिंग के भी सबूत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक की जांच में मिनिमम पब्लिक शेयर होल्डिंग का उल्लंघन भी नहीं मिला है। विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सेबी ने 13 विशिष्ट लेनदेन की पहचान की है, जिसकी उसके द्वारा जांच की जा रही है कि क्या वह कानूनी तौर पर मान्य लेनदेन थे या फिर उनमें कोई गड़बड़ी थी। ऐसे में समिति इन लेनदेन पर अभी कोई टिप्पणी नहीं कर सकती। 

बता दें कि 6 जजों वाली सुप्रीम कोर्ट की इस विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता पूर्व जज एएम सप्रे कर रहे हैं। समिति ने सेबी को तय समय सीमा में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सेबी ने जांच पूरी करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त तक अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय सिक्योरिटी मार्केट में डिस्क्लोजर आधारित काम होता है और डिस्क्लोजर कैपिटल जारी करने या लिस्टिंग के लिए जरूरी बनाए गए हैं। समिति ने कहा कि यह देखने की जरूरत है कि क्या डिस्क्लोजर में निवेशकों के सामने इतनी सारी जानकारी पहुंच जाती है, जिसके चलते बेहद आवश्यक जानकारी पर निवेशकों की नजर ही नहीं पड़ पाती। 

मुकुल रोहतगी का दावा- रिपोर्ट अदाणी समूह के पक्ष में

वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने हिंडेनबर्ग रिपोर्ट के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। इस रिपोर्ट में आरोप था कि अदाणी समूह ने कई गलतियां की हैं।  समिति की रिपोर्ट में सारी चीज़ें देखी गई हैं जिसका निष्कर्ष अदाणी समूह के पक्ष में गया है।

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