ह्यूंडई मोटर समेत कई बड़ी कंपनियां इस साल बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। मोदी सरकार के फिर से बनने पर निवेशकों में भरोसा बढ़ गया है। इस साल दिसंबर तक 65 कंपनियां 75 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती हैं। जिनमें सिर्फ 5 कंपनियों के ही 40-45 हजार करोड़ रुपये तक जुटा लेने की संभावना है।
शेयर बाजार की तेजी के बीच इस साल दिसंबर तक 65 कंपनियां आईपीओ से 75,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकती हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, कई बड़ी कंपनियां इस साल बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। सिर्फ पांच कंपनियां ही 40-45 हजार करोड़ रुपये तक जुटा सकती हैं।
| कंपनी | आकार | साल |
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एलआईसी |
21,000 करोड़ | 2022 |
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पेटीएम |
18,000 करोड़ |
2021 |
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कोल इंडिया |
15,000 करोड़ | 2010 |
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जीआईसी |
11,000 करोड़ | 2017 |
| रिलायंस पावर | 11,563 करोड़ |
2008 |
30-35 कंपनियां मंजूरी के इंतजार में
इस साल जिन 65 कंपनियों के बाजार में उतरने की उम्मीद है, उनमें 25-30 को सेबी की मंजूरी मिल चुकी है। 30-35 कंपनियां अब भी मंजूरी के इंतजार में हैं। मसौदा जमा कराने के 2-4 महीने के बीच में सेबी की मंजूरी मिलती है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंदर सिंह नंदा के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के दौरान आईपीओ बाजार में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा, जो चुनाव के बाद निरंतरता व निवेशकों के विश्वास को बढ़ावा देने वाली अनुकूल स्थितियों से प्रेरित होगा। आईपीओ की तेजी विभिन्न क्षेत्रों की भागीदारी के साथ मजबूत गतिविधि का संकेत देती है।