फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट से उम्मीदें: खपत बढ़ाने के लिए कर दरें घटा सकती है सरकार, सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान की होगी भरपाई

Tue, 18 Jun 2024 06:00 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार


व्यक्तिगत कर में कटौती से अर्थव्यवस्था में खपत को बढ़ावा मिलने के साथ मध्य वर्ग की बचत में भी इजाफा हो सकता है। साथ ही, इससे सालाना 15 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्तियों को कर में राहत मिलने की उम्मीद है। 
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : X/@narendramodi
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट में कुछ श्रेणियों में व्यक्तिगत कर दरों में कटौती पर विचार कर रही है। इससे देश में खपत बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कर कटौती से सरकार के खजाने को होने वाले नुकसान की आंशिक भरपाई इस श्रेणी के व्यक्तिगत करदाताओं में खपत बढ़ाकर की जा सकती है। चुनाव बाद सर्वेक्षण से पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने भले ही तीसरी बार सत्ता में वापसी की है, लेकिन मतदाताओं में उच्च महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी और घटती आय को लेकर चिंता से भाजपा को बहुमत नहीं मिला। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 22 जुलाई को पूर्ण बजट पेश कर सकती हैं। 

विज्ञापन


मध्य वर्ग को बचत बढ़ाने में मिलेगी मदद
व्यक्तिगत कर में कटौती से अर्थव्यवस्था में खपत को बढ़ावा मिलने के साथ मध्य वर्ग की बचत में भी इजाफा हो सकता है। साथ ही, इससे सालाना 15 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्तियों को कर में राहत मिलने की उम्मीद है। 15 लाख रुपये तक की सालाना आय पर अभी 5 से 20 फीसदी तक कर लगता है। 15 लाख से अधिक कमाई पर 30 फीसदी की दर से कर चुकाना पड़ता है। 

विकास दर बढ़ाने में खपत की बड़ी भूमिका
चुनाव बाद सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2023-24 के दौरान भारतीय जीडीपी 8.2 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ी। इस वृद्धि में खपत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कर दरों में कटौती से खपत बढ़ती है तो इससे जीडीपी को समर्थन मिलेगा।
विज्ञापन


छह गुना तक बढ़ जाती है कर की दर
किसी व्यक्ति की आय जब 3 लाख से पांच गुना बढ़कर 15 लाख रुपये होती है तो व्यक्तिगत कर की दर छह गुना बढ़ जाती है। इससे लोग परेशान हो जाते हैं। सरकार 10 लाख रुपये की वार्षिक आय के लिए भी व्यक्तिगत कर दरों को घटाने पर विचार कर सकती है। पुरानी कर प्रणाली में 30 फीसदी की उच्चतम दर पर आयकर के लिए एक नई सीमा पर चर्चा की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें