नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सोमवार को 832 विमानों से 58,318 यात्रियों को अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचाया गया। जबकि पहले उन्होंने कहा था कि 532 विमानों से 39,231 यात्रियों ने अपने गंतव्य स्थानों के लिए उड़ान भरी। संशोधित आंकड़ों की जानकारी पुरी ने ट्विटर पर दी।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि मंत्री ने 832 उड़ानों के अपने संशोधित आंकड़े में वंदे भारत मिशन के तहत संचालित की जा रही अंतरराष्ट्रीय प्रत्यावर्तन उड़ानों को शामिल किया है या नहीं।
दिल्ली से रोज 190 उड़ानें
केंद्र सरकार की तरफ से एक तिहाई उड़ानों को संचालित करने की अनुमति दी गई है, इसलिए दिल्ली हवाई अड्डे से रोजाना 190 उड़ानें संचालित होंगी और उतनी ही संख्या में विमान यहां पहुंचेंगे। बताया गया है कि हवाई अड्डे पर हर रोज लगभग 20 हजार यात्री पहुंचेंगे।
आंध्र प्रदेश और बंगाल में विमान सेवा नहीं
आंध्र प्रदेश में 26 मई से विमान सेवाएं शुरू हो हुई जबकि पश्चिम बंगाल में हवाई सेवाएं 28 मई से शुरू होंगी। हाल ही में पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान आया था, जिसके कारण 85 लोगों की मौत हो गई और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तूफान की वजह से हुई तबाही का हवाला देकर विमान सेवा शुरू करने से इनकार किया है। 28 मई तक इंफ्रास्ट्रक्चर सही हो जाएगा जिसके बाद बंगाल में हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी।
स्पाइसजेट ने मालवाहक विमान सेवा शुरू की
मालूम हो कि लॉकडाउन के बीच विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने मंगलवार को कहा कि उसने सूडान और दक्षिण कोरिया के लिए मालवाहक विमानों का परिचालन शुरू कर दिया है। स्पाइसजेट ने दोनों देशों के लिए मालवाहक विमानों का परिचालन पिछले सप्ताह शुरू किया। विमानन कंपनी ने एक बयान जारी करके कहा कि दोनों देशों के लिए उसकी उड़ानों में 16-16 टन माल भेजा गया। लॉकडाउन के दौरान देश में मालवाहक विमानों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं थी।