गुजरात के गांधीनगर में रविवार को जी 20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की तीसरी बैठक हुई। बैठक के दौरान विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी।
विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा, "बहुत सारे देश शिक्षा के क्षेत्र में अलग-अलग ढंग से काम करते हैं। भारत के गुजरात में कक्षाओं को स्मार्ट बनाने और हर स्कूल में कम से कम एक स्मार्ट क्लास रखने के रखने के विचार काम हो रहा है। बहुत सारे कार्यान्वयन हैं। असली बात डेटा और ट्रैकिंग है। मुझे लगता है कि हमें शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कार्य करने चाहिए जो सर्वोत्तम परिणामों की ओर ले जाए। जब संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत सहित कई अन्य देशों में करदाता हमें अपना पैसा देते हैं, तो वे इसे हमें बेहतर परिणाम के लिए देते हैं। कितनी लड़कियां स्कूल जाती हैं? उन्हें कितना लाभ मिला? कितने लोग स्कूल गए और शिक्षा से लाभान्वित हुए? कितने लोग एक कौशल केंद्र में गए और उस कौशल के कारण बेहतर नौकरी प्राप्त की? वे यही चाहते हैं। वे सिर्फ यह नहीं जानना चाहते कि कितना पैसा आया। विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा कि मुझे भारत के संबंध में जो पसंद है वह यह है कि यहां बेहतर परिणाम आ रहे हैं।
गांधीनगर में संयुक्त सम्मेलन के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत और इंडोनेशिया दोनों तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं और कई मायनों में समान हैं। दोनों जी-20, डब्ल्यूटीओ और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन जैसे बहुपक्षीय संगठनों के सक्रिय सदस्य हैं। भारत ने इंडोनेशिया से जी-20 की अध्यक्षता संभाली है और कई विरासत से मुद्दे हैं जिन्हें हम अपनी अध्यक्षता के दौरान आगे ले जा रहे हैं। उन्होने कहा, "यह संवाद मुद्दों की आम समझ तक पहुंचने और ईएमडीई के दृष्टिकोण से वैश्विक एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मेरा मानना है कि यह वार्ता वैश्विक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता में योगदान देते हुए भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच बेहतर सहयोग की सुविधा प्रदान करेगी।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) को सदस्य देशों की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने के लिए नवोन्मेषी वित्तीय तरीके अपनाने का सुझाव दिया। सीतारमण ने जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की तीसरी बैठक से इतर गांधीनगर में एआईआईबी के अध्यक्ष जिन लिकुन से मुलाकात की और वर्तमान वैश्विक विकासात्मक चुनौतियों से निपटने में एआईआईबी सहित बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) की भूमिका पर चर्चा की।
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट किया, “भारत और एआईआईबी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने सुझाव दिया कि एआईआईबी को सदस्य देशों की बुनियादी ढांचों से संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए नवोन्मेषी वित्तपोषण और वित्तीय उपायों का उपयोग करना चाहिए।” वित्त मंत्री ने जी20 में भारत की अध्यक्षता का समर्थन करने के लिए एआईआईबी की सराहना की। उन्होंने बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार और सभी एमडीबी में सहयोग और समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला। ट्वीट में कहा गया, “वित्त मंत्री ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और भारत के अन्य सीमावर्ती राज्यों में शासन, कर्मियों और भारतीय परियोजनाओं की मंजूरी से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की।”
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने कहा, "मेरा मानना है कि यह महत्वपूर्ण है कि हम बहुपक्षीय विकास बैंकों की क्षमता और बैलेंस शीट का विस्तार करके सफलता की कहानियों का निर्माण करें। पिछले साल अक्टूबर में मैंने इन बैंकों से ऐसा करने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया था। पहले से उठाए गए या विचाराधीन कदमों के परिणामस्वरूप, हमारा मानना है कि एमडीबी प्रणाली अजय बंगा के साथ अगले दशक में 200 अरब डॉलर की राशि अनलॉक कर सकती है। गांधीनगर में हो रहे तीसरे एफएमसीबीजी बैठक के दौरान जेनेट येलेन ने कहा हम रोमांचित हैं कि वह विश्व बैंक के नए अध्यक्ष हैं और मेरे पास इस एजेंडे को पूरा करने में मदद करने के लिए सही नेतृत्व और दृष्टि है।"