अमेरिकन एयरलाइंस ने लगभग 25,000 कर्मचारियों को सूचित किया है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते हवाई यात्रा की मांग में भारी कमी के कारण अक्तूबर में उनकी नौकरियों को खत्म किया जा सकता है।
ऐसी स्थिति में कम हो सकती है छंटनी
अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि यदि पर्याप्त संख्या में श्रमिक दो साल तक के लिए आंशिक भुगतान के साथ अवकाश ले लेते हैं, तो यह छंटनी कम हो सकती है। एयरलाइन के सीईओ डग पार्कर और अध्यक्ष रॉबर्ट इसोम ने कर्मचारियों को भेजी नोटिस में कहा कि उन्हें छंटनी से बचे जाने की उम्मीद है, क्योंकि महामारी का प्रकोप कम पड़ने से एक अक्टूबर तक हवाई यात्रा की मांग में तेजी आने का अनुमान है।
इतनी घटेगी भारतीय विमानन कंपनियों की कमाई
भारत की बात करें, तो भारतीय विमानन कंपनियों को तीन वित्त वर्षों में 1.1 - 1.30 लाख करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बताया कि कोराना से दुनियाभर में वीजा और यात्रा पर प्रतिबंध लगा है। घरेलू विमानन उद्योग पर इसका असर तीन साल तक रहेगा।
क्रिसिल ने बताया कि फिलहाल इन कंपनियों का राजस्व कोविड-19 के पूर्व की अवस्था में आने की उम्मीद नहीं है। 2020 से 2022 तक इन कंपनियों को 1.30 लाख करोड़ के राजस्व का नुकसान हो सकता है। अगर क्रूड के दाम 2021 में 38-42 डॉलर प्रति बैरल तक सीमित रहते हैं, तो विमानन कंपनियों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
विमान परिचालन के खर्च में 30-45% हिस्सेदारी ईंधन की होती है। फिलहाल जो माहौल है, उससे चालू वित्तवर्ष में घरेलू विमान यात्रियों की संख्या में 40-45% और विदेशी यात्रियों में 60-65 फीसदी गिरावट का अनुमान है।
कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजेगी एयर इंडिया
भारी कर्ज और घाटे से गुजर रही एयर इंडिया की हालत कोरोना संकट में और खराब हो गई है। कंपनी सूत्रों के मुताबिक, कई कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजा जा रहा है। इस दौरान उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा। लागत घटाने को कंपनी ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर रही है। इन्हें छह महीने से दो साल तक भेजा जा सकता है, जो बाद में 5 साल तक हो सकता है। सूची तैयार करने के लिए मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में हर कर्मचारी का मूल्यांकन किया जाएगा।