क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण आई वैश्विक मंदी एशिया-प्रशांत क्षेत्र की गैर-वित्तीय कंपनियों पर दबाव डालना जारी रखेगी। उसने कहा कि नकारात्मक ऋण रुझान 2020 की बाकी अवधि में भी जारी रहेगा।
कंपनियों को अस्थायी राहत
मूडीज ने कहा कि हालांकि, उन्नत और उभरते दोनों बाजारों में राजकोषीय और मौद्रिक प्रोत्साहन कार्यक्रमों ने वित्तीय बाजारों को स्थिर करने में मदद की है और कंपनियों को अस्थायी राहत प्रदान की है। आगे उसने कहा कि कंपनियों के परिचालन प्रदर्शन और वित्तपोषण की क्षमता वित्तीय बाजार के झटके की चपेट में है, खासकर यदि संक्रमण की एक दूसरी लहर के कारण नये सिरे से लॉकडाउन लगाए जाते हैं।
मंदी से उबरने में लगेगा लंबा समय
मूडीज समूह की क्रेडिट ऑफिसर एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष क्लारा लाउ ने कहा कि, 'हमारा अनुमान है कि इस मंदी से उबरने में लंबा समय लगेगा। हालांकि लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील से साल की दूसरी छमाही में क्रमिक वापसी को समर्थन मिलना चाहिये।' इस बीच मूडीज ने तीन सरकारी बीमा कंपनियों में सरकार के द्वारा 12,450 करोड़ रुपये की पूंजी डाले जाने को क्रेडिट पॉजिटिव बताया है।
24 घंटे में 32,695 नए मामले सामने आए
मालूम हो कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 32,695 नए मामले सामने आए हैं और 606 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 9,68,876 हो गई है। जिनमें से 3,31,146 सक्रिय मामले हैं, 6,12,815 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 24,915 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, आज पुदुचेरी में 147 और राजस्थान में 143 नए मामले दर्ज किए गए हैं।