नोटबंदी के बाद अगर आपने खाते में अपनी आय से ज्यादा राशि जमा की है तो फिर बेनामी कानून के तहत कार्रवाई होने के लिए तैयार हो जाइये। आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद पूरे देश में 10 हजार लोगों को इस तरह का नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। आने वाले हफ्तों में कई लोगों को ऐसा नोटिस भेजा जाएगा।
हो सकती है जेल
बेनामी कानून के तहत भेजे गए इस नोटिस में अगर कोई भी व्यक्ति सवालों का जवाब संतोषपूर्वक नहीं देता है तो फिर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। विभाग ने जिस व्यक्ति के नाम खाता है और जिसने इस खाते में पैसा जमा कराया है, उन सभी को नोटिस भेजा है। कई लोगों ने नोटबंदी के बाद दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसा जमा करा दिया था। इससे जिसकी आय कम थी, उसके खाते में भी कई गुणा ज्यादा पैसा जमा हो गया था। खासतौर पर जनधन खातों में सबसे ज्यादा पैसा जमा किया था।
जमा हुए 80 हजार करोड़ रुपये
जनधन खातों की कुल जमा राशि 80,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई थी। यह बात वित्त मंत्रालय के एक आंकड़े में कही गई है। आंकड़े के मुताबिक इन खातों की कुल जमा राशि मार्च 2017 के बाद से लगातार बढ़ती जा रही है और नोटबंदी के बाद इसमें सबसे ज्यादा उछाल देखा गया। ये 11 अप्रैल 2018 को 80,545.70 करोड़ रुपये के स्तर पर थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन खातों की जमा नवंबर 2016 के आखिरी दिनों में तेजी से बढ़कर 74,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई थी, जो माह के शुरू में करीब 45,300 करोड़ रुपये थी, क्योंकि 500 रुपये और 1,000 रुपये मूल्य के खारिज किए गए नोटों को लोगों ने तेजी से अपने-अपने खातों में जमा किया था। इसके बाद इन खातों की जमा में गिरावट आई थी और फिर मार्च 2017 के बाद से इसमें लगातार वृद्धि दिख रही है।
इन लोगों को भेजे गए नोटिस
जिन लोगों को आयकर विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जा रहा है उनमें अमीर व्यक्तियों के ड्राइवर, पत्नियां और रिश्तेदार तक शामिल हैं।