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IPO: 2025 की पहली छमाही में भारत में 108 IPO से 4.6 अरब जुटाए गए; सौदों में 30% गिरावट के बावजूद लचीलापन कायम

Sat, 19 Jul 2025 03:13 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईवाई की रिपोर्ट के अनुसार 2025 की पहली छमाही में घरेलू आईपीओ बाजार में  कुल 108 सौदे हुए, जिनसे 4.6 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई गई। सौदों की संख्या में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके बावजूद यह बाजार के लचीलेपन को दर्शाता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) गतिविधियों ने साल 2025 की पहली छमाही में मजबूती दिखाई है। EY की एक रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में कुल 108 सौदे हुए, जिनसे 4.6 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई गई। भारतीय आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक निजी कंपनी पहली बार जनता को अपने शेयर बेचती है, जिससे वह सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी बन जाती है।

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पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत की गिरावट
रिपोर्ट में बताया गया कि सौदों की संख्या में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके बावजूद यह बाजार के लचीलेपन को दर्शाता है। हालांकि, फंडरेजिंग में केवल 2% की मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जो बाजार की स्थिरता को दर्शाता है। 
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वैश्विक अनिश्तिता और भू-राजनीतिक तनाव का पड़ा असर
EY की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रवृत्ति जारीकर्ताओं और निवेशकों दोनों के अधिक चयनात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। इसमें कंपनियां अनुकूल बाजार समय और मूल्यांकन रणनीतियों को प्राथमिकता दे रही हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के कारण कई प्रमुख कंपनियों ने अपनी लिस्टिंग को स्थगित कर दिया है या मूल्यांकन पर पुनर्विचार किया है। इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारतीय आईपीओ बाजार में गुणवत्ता और स्थिरता बनी हुई है, भले ही सौदों की संख्या में कमी आई हो।

दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
इसमें कहा गया कि बाजार सहभागियों को 2025 की दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। यह स्थिर बाजार के विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से सहायक सरकारी पहलों से प्रेरित होगा। घरेलू आर्थिक सुधार से आईपीओ बाजार में तेजी की संभावना है क्योंकि निवेशक भावना मजबूत हो रही है और बाजार में अस्थिरता कम हो रही है। 
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वैश्विक आईपीओ बाजार के आय में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में, वैश्विक आईपीओ बाजार ने 539 सौदे दर्ज किए, जिससे 61.4 अरब डॉलर की राशि जुटाई गई,। यह सौदों की संख्या के मामले में साल-दर-साल (वाईओवाई) स्थिर रही, लेकिन कुल आय में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। दूसरी तिमाही में केवल 241 आईपीओ आए, जिनसे 31.5 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई गई। यह 2020 के बाद से दूसरी तिमाही का सबसे कमजोर प्रदर्शन था। एशिया-प्रशांत क्षेत्र ने ठोस वृद्धि दर्ज की। वहीं पश्चिम एशिया विस्तार के साथ आगे रहा, जबकि अमेरिका स्थिर रहा। इसके विपरीत, यूरोप और भारत में गिरावट देखी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, तीन बड़े बाजारों यानी अमेरिका, भारत और चीन, में से प्रत्येक ने 2025 की पहली छमाही में 100 से अधिक आईपीओ लॉन्च किए। 

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