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Budget 2024: बड़ी लोकप्रिय घोषणा क्यों नहीं कर पाई मोदी सरकार? आर्थिक विशेषज्ञ ने बतायी यह बात

अमित शर्मा
Updated Thu, 01 Feb 2024 05:35 PM IST

सार

पीएम आवास योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में ही प्रति वर्ष लगभग 70 हजार करोड़ रुपये खर्च किया जाता है। इसी प्रकार की कई अन्य लोकप्रिय घोषणाओं पर प्रतिवर्ष भारी भरकम राशि खर्च करती है। यही कारण है कि सरकार ने कोई लोकप्रिय घोषणा करने से दूरी बरती है...
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Budget 2024: PM Modi - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

एक बेहद महत्त्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि टैक्स के रूप में केंद्र सरकार को जितनी आय होती है, उसका लगभ 42 फीसदी हिस्सा केवल पुराने कर्जों को चुकाने के लिए ब्याज के रूप में देना पड़ता है। इसके बाद सरकार के पास बहुत कम पैसा बचा रह जाता है। यही कारण है कि मेट्रो ट्रेन चलाने या बड़े निर्माण के समय सरकार को विदेश से कर्ज लेना पड़ता है।

सरकार के ऊपर पहले से चल रही कल्याणकारी योजनाओं का भारी दबाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुफ्त राशन योजना को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने इसकी घोषणा की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि अकेली इस योजना को चलाने में हर साल करीब दो लाख करोड़ रुपये का खर्च आता है। यानी केवल इसी योजना को चलाने के लिए सरकार को अगले पांच साल में दस लाख करोड़ रुपये खर्च करना पड़ेगा।

पीएम आवास योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में ही प्रति वर्ष लगभग 70 हजार करोड़ रुपये खर्च किया जाता है। इसी प्रकार की कई अन्य लोकप्रिय घोषणाओं पर प्रतिवर्ष भारी भरकम राशि खर्च करती है। यही कारण है कि सरकार ने कोई लोकप्रिय घोषणा करने से दूरी बरती है।  

लेकिन फिर भी अच्छा बजट क्यों

विजय सरदाना ने कहा कि कई चुनौतियों के बाद भी सरकार ने बजट में कई ऐसे प्रावधान किये हैं, जिससे न केवल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि देश के किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने बजट में लोकप्रिय घोषणाओं से ज्यादा लोगों की बचत कर उनकी आय बढ़ाने का काम किया है। स्टोरेज क्षमता बढ़ाने से किसानों को अपनी फसल गिरे हुए दामों पर नहीं बेचनी पड़ेगी। मोटे अनाज की उत्पादन बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने से भी किसानों की लागत कम होगी, जबकि उनके लाभ में बढ़ोतरी होगी। आवागमन की सुविधाओं का विकास करने से लोगों को बचत होती, इसलिए कुल मिलाकर इस बजट को अच्छा बजट कहा जा सकता है।

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