बजट को लेकर के युवा वर्ग में आस है कि इस बार के बजट में उनके लिए बहुत कुछ सस्ता होने जा रहा है। एजुकेशन फीस में कमी, सस्ते गैजेट और नौकिरयों की भरमार की घोषणा, यह कुछ ऐसी चाहत हैं युवा वर्ग की जो वो इस बार के बजट में चाहते हैं।
युवा वर्ग चाहता है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने इस बार के बजट में इन सपनों को हकीकत का अमली जामा पहनाने की घोषणा करें।
अबकी बार हो यूथ आधारित बजट
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इकनॉमिक टाइम्स ने इस बारे में युवा वर्ग से बात करते हुए उनकी बजट के बारे में राय जानी थी। युवाओं का कहना है कि अबकी बार का बजट युवा वर्ग को ध्यान में रखकर पेश करना चाहिए।
एजुकेशन फीस में कमी और गैजेट सस्ता होने से गरीब छात्रों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। देश में युवाओं की तादाद सबसे ज्यादा है । देश की 47.8 फीसदी आबादी 29 साल से नीचे है।
नौकरियां बढ़ाने पर रहे फोकस
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पूरे विश्व में अगले तीन सालों में 20 फीसदी भारतीयों के पास काम होगा। इसलिए युवाओं का मानना है कि सरकार को अपने रिसोर्सेस के जरिए ज्यादा नौकरियां निकालनी चाहिए ताकि युवा वर्ग को ज्यादा से ज्यादा उत्पादन लिया जा सके।
डिजिटल इंडिया के सपने को किया जा सकता है साकार
पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा किए जाने के बाद वो इसको कैशलेस और डिजिटल बनाने की मुहिम में जुड़े हैं। इसके लिए जरूरी है कि वो स्मार्टफोन की कीमतों में कमी करें, ताकि इस मुहिम को आगे तक ले जाया जाए। इसके साथ ही इंटरनेट की स्पीड को बढ़ाया जाए और इसके उपयोग पर लगने वाले चार्जेस में कमी की जाए।