वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। बाजार को उम्मीद है कि सभी लिस्टेड कंपनियां इस बार बढ़िया नतीजे आएंगे।
जीएसटी ने बदली दुनिया की सोच
जीएसटी, बैंक्रप्सी कोड, ऑनलाइन ईएसआइसी और ईपीएफओ पंजीकरण जैसे कदमों कारोबारी माहौल को और भी बेहतर किया है। खास तौर पर ‘वन नेशन, वन टैक्स’ यानि GST ने सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया है। व्यापारियों और उपभोक्ताओं को दर्जनों करों के मकड़जाल से मुक्त कर एक कर के दायरे में लाया गया।
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कैशलेस अभियान से आई पारदर्शिता
रिजर्व बैंक के अनुसार 4 अगस्त तक लोगों के पास 14,75,400 करोड़ रुपये की करेंसी सर्कुलेशन में थे। जो वार्षिक आधार पर 1,89,200 करोड़ रुपये की कमी दिखाती है। जबकि वार्षिक आधार पर पिछले साल 2,37,850 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई थी।
विदेशी मुद्रा भंडार 88 करोड़ डॉलर बढ़कर हुआ 413 अरब डॉलर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार आठ जून को समाप्त सप्ताह में 87.95 करोड़ डॉलर बढ़कर 413 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, 08 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 87.54 करोड़ डॉलर बढ़कर 388.39 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान स्वर्ण भंडार 21.19 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।