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एग्जिट पोल में फिर से मोदी सरकार की उम्मीद, बाजार को लगेंगे पंख

Sun, 19 May 2019 10:25 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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एग्जिट पोल के नतीजों में एक बार फिर से पूर्ण बहुमत में एनडीए सरकार बनने की संभावना होने से अगले हफ्ते शेयर बाजार के फिर से 39 हजार के स्तर पर पहुंचने की संभावना है। हालांकि इस हफ्ते निवेशकों को एक और खुशी कच्चे तेल की कीमतों को लेकर के मिलने वाली है। 

500 से एक हजार अंकों की बढ़त

निवेशकों की माने तो फिर सोमवार को बाजार 500 अंकों तक की बढ़त के साथ खुल सकता है। वहीं अगले तीन दिनों में यह बढ़त एक हजार अंकों की हो सकती है। इस बढ़त के पीछे दो कारण होंगे, जिसके चलते निवेशक भारी मात्रा में लिवाली करेंगे। निफ्टी 11700 के पार जा सकता है। 

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

एक बार फिर से नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा की सरकार बनने से देश की अर्थव्यवस्था को काफी बल मिलने की उम्मीद है। अगले पांच साल तक बहुमत की सरकार बनने की उम्मीद से निवेशकों की एक बहुत बड़ी चिंता फिलहाल के लिए दूर कर दी है। 

घटेंगे कच्चे तेल के दाम

सउदी अरब ने कहा है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का स्टॉक है। तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की बैठक शुरू होने से पहले उर्जा मंत्री खालिद अल फतेह ने यह बयान दिया है। हालांकि उन्होंने कहा है कि कीमत या फिर उत्पादन घटाने-बढ़ाने का फैसला ओपेक लेगा।  
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केडिया कमोडिटी के निदेशक अजय केडिया ने कहा कि इससे लगता है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी हो सकती है। इससे भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। 

शेयर बाजार में इन स्टॉक्स में निवेश करना फायदेमंद

केडिया ने कहा है कि 23 मई को जब एग्जिट पोल के नतीजे आएंगे तो फिर मार्केट में और तेजी देखने को मिलेगी। निवेशक अगले कुछ दिन एफएमसीजी, आईटी, मेटल, रिफाइनिंग और फार्मा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी कर सकते हैं। 
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इंफ्रा और ऑटो कंपनियां भी रहेंगी फायदे में

वेल्थ डिस्कवरी के निदेशक राहुल अग्रवाल ने कहा कि 23 मई को नतीजे कुछ भी आये परन्तु शेयर बाजार अभी तक यह मानकर चल रहा है कि एनडीए ही सरकार बनाने वाली है। पिछले हफ्ते वैश्विक बाजार ट्रेड वॉर के चलते काफी लुढ़के थे यही ट्रेंड भारतीय बाजारों में भी देखा गया।

मई माह की बिकवाली को चुनावी नतीजों को लेकर पेशोपश नहीं अपितु यूएस-चीन ट्रेड वार के साथ जोड़ कर देखा जाना चाहिए। अगर यह माना जाए की बीजेपी अपने मेनिफेस्टो में दिये गए वादों को पूरा करने में सफल रहेगी, तो अगले पांच साल अर्थव्यवस्था के लिए काफी अच्छे रहने की उम्मीद है। 

अगर इतना भारी निवेश वाकई इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में किया गया तो इससे काफी मात्रा में नई नौकरियों का निर्माण होगा, अगर किसानों की आय में वाकई वृद्धि होती है तो यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए काफी लाभकारी रहेगा।

इस सभी बिंदुओं को ध्यान रखते हुए यह माना जा सकता है कि बीजेपी/ एनडीए के कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियां जिसमें स्टील, सीमेंट मुख्य तौर पर है अच्छे नतीजे दे सकती है।  ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ होने पर ऑटो सेक्टर जिसमें खासतौर पर टू व्हीलर, छोटी कार बनाने वाली कंपनियां फायदे में रहेगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में कन्जयूमर गुड, बैंकिग जैसे क्षेत्र भी अच्छे निवेश साबित हो सकते है। 
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