शेयर बाजार के लिए 2023 एक यादगार साल रहा। खुदरा निवेशकों और सकारात्मक कारकों के दम पर शेयरों में शानदार तेजी रही। इस साल 29 दिसंबर तक सेंसेक्स ने 19 फीसदी और निफ्टी ने 20 फीसदी बढ़त हासिल की। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों की बाजार पूंजी 81,90,598.32 करोड़ बढ़कर 364.28 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
स्मॉलकैप सूचकांक: 47.52 फीसदी बढ़ा
मिडकैप सूचकांक: 45.52 फीसदी उछला
एक और उपलब्धि...
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घरेलू बाजारों ने इस साल उस समय अपनी उपलब्धियों में और इजाफा किया, जब बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन 29 नवंबर को पहली बार 4 लाख करोड़ डॉलर पहुंच गया।
निवेशकों के देश के रूप में बदला भारत
1990 के दशक में भी शेयर बाजार में निवेश को सट्टा माना जाता था। अब भारत बचतकर्ताओं के बजाय निवेशकों का देश बन गया है। अधिक लोग म्यूचुअल फंड एवं शेयर बाजार में पैसे लगाने लगे हैं। - उदय कोटक, बैंकर