अमेरिका की ओर से 9 जुलाई तक 90 दिनों के लिए भारत पर पर लगने वाले जवाबी टैरिफ को टालने की घोषणा के बाद शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क शेयर सूचकांक उछले। सुबह 11 बजकर 59 मिनट पर बीएसई सेंसेक्स 1,469.21 अंक बढ़कर 75,342.70 अंक पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 472.25 (2.11%) बढ़कर 22,871.40 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स, सन फार्मा, टाटा स्टील, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज सर्वाधिक लाभ में रहीं। केवल एशियन पेंट्स और नेस्ले ही पिछड़े रहे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत घटकर 63.10 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बुधवार को बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स 379.93 अंक या 0.51 फीसदी गिरकर 73,847.15 पर बंद हुआ। निफ्टी 136.70 अंक या 0.61 फीसदी गिरकर 22,399.15 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा, "वर्तमान अनिश्चित संदर्भ में बाजार में निरंतर तेजी की कोई गुंजाइश नहीं है। लेकिन निवेशक इस तथ्य से राहत महसूस कर सकते हैं कि भारतीय वृहद आर्थिक स्थिति अच्छी है और हम इस व्यापार युद्ध से सबसे कम प्रभावित देशों में से एक हैं।" विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 4,358.02 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।
रिलायंस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख विकास जैन ने कहा, "हालांकि दिन के दौरान उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन भारत के लिए एक सकारात्मक बात यह है कि चीन पर अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ से अमेरिका को भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा, चीन की जवाबी कार्रवाई से एफआईआई का चीन से भारत की ओर रुख बढ़ सकता है।"
गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में तेज उछाल के बाद काफी गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक कंपोजिट में 4.31 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 3.46 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 2.50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में, टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी नीचे कारोबार करते दिखे। दूसरी ओर, शंघाई एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक 4 प्रतिशत तक गिर गया।