फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन लाल निशान पर बंद हुआ बाजार, 41,000 के ऊपर सेंसेक्स

Fri, 07 Feb 2020 04:03 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिनभर के कारोबार के बाद शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। 
  • सेंसेक्स 164.18 अंकों की गिरावट के बाद 41,141.85 के स्तर पर बंद हुआ।
  • निफ्टी 51.55 अंकों की गिरावट के बाद 12,086.40 के स्तर पर बंद हुआ।
विज्ञापन
शेयर बाजार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को दिनभर के कारोबार के बाद शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 164.18 अंक यानी 0.40 फीसदी की गिरावट के बाद 41,141.85 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 51.55 अंक यानी 0.42 फीसदी की गिरावट के बाद 12,086.40 के स्तर पर बंद हुआ। 

ऐसा रहा दिग्गज शेयरों का हाल

दिग्गज शेयरों की बात करें, तो शुक्रवार को जी लिमिटेड, एनटीपीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, यूपीएल, एक्सिस बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, इंफ्राटेल, टाइटन के शेयर बढ़त पर बंद हुए। वहीं टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, एम एंड एम, ग्रासिम, रिलायंस, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, एल एंड टी और एचडीएफसी के शेयर गिरावट पर बंद हुए।

सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर

सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आज मेटल, मीडिया, फार्मा, एफएमसीजी और आईटी हरे निशान पर बंद हुए। वहीं रियल्टी, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक,  और ऑटो लाल निशान पर बंद हुए। 

मामूली गिरावट के साथ खुला था सेंसेक्स 

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ खुला था। सेंसेक्स 37.36 अंक यानी 0.09 फीसदी की गिरावट के बाद 41,268.67 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 6.10 अंक यानी 0.05 फीसदी की गिरावट के बाद 12,131.85 के स्तर पर खुला था।  

गुरुवार को हरे निशान पर बंद हुआ था बाजार 

पिछले कारोबारी दिन शेयर बाजार तेजी पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 163.37 अंक यानी 0.40 फीसदी की बढ़त के बाद 41,306.03 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 44.50 अंक यानी 0.37 फीसदी की बढ़त के बाद 12,133.65 के स्तर पर बंद हुआ था। गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करने का एलान किया था। रेपो दर 5.15 फीसदी पर बरकरार है। इसलिए कर्ज लेने वालों को कोई राहत नहीं मिली, जिससे शेयर बाजार प्रभावित हुआ था। साथ ही बैंक ने अनुमान जताया था कि वित्त वर्ष 2020-21 में देश की जीडीपी ग्रोथ छह फीसदी रहेगी। केंद्रीय बैंक को भविष्य में मुद्रास्फीति के उच्च बने रहने की भी आशंका है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें