दिनभर के कारोबार के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 220.03 अंक यानी 0.55 फीसदी की बढ़त के बाद 40,051.87 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी 57.25 अंक यानी 0.49 फीसदी की बढ़त के बाद 11,844.10 के स्तर पर बंद हुआ। लाभांश वितरण कर (डीडीटी) खत्म होने, कंपनियों के अच्छे नतीजों और अमेरिका-चीन समझौते की संभावनाओं से बुधवार को सेंसेक्स 40,000 के पार चला गया।
दिग्गज शेयरों की बात करें, तो बुधवार को गेल, ग्रासिम, एसबीआई, टीसीएस, आईटीसी, भारती एयरटेल, आईओसी और नेस्ले इंडिया के शेयर हरे निशान पर बंद हुए। वहीं इंफ्राटेल, यस बैंक, सिप्ला, ब्रिटानिया, यूपीएल, कोल इंडिया, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर लाल निशान पर बंद हुए।
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो बुधवार को ऑटो, मीडिया, मेटल, फार्मा और रियल्टी लाल निशान पर बंद हुए। वहीं बैंक, एफएमसीजी, आईटी और पीएसयू बैंक हरे निशान पर बंद हुए।
शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार हरे निशान पर खुला था। सेंसेक्स 137.84 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के बाद 39,969.68 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 59 अंक यानी 0.50 फीसदी की बढ़त के बाद 11,845.85 के स्तर पर खुला था। वहीं सुबह 10:34 बजे सेंसेक्स 187.84 अंक यानी 0.47 फीसदी की बढ़त के बाद 40,019.68 के स्तर पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 55.30 अंक यानी 0.47 फीसदी की बढ़त के बाद 11,842.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
मंगलवार को सेंसेक्स 582 अंक मजबूत होकर बंद हुआ था। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। वाहन कंपनियों की अगुआई में लगभग निफ्टी के सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। टाटा मोटर्स 17 फीसदी की मजबूती के साथ निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा। इस तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,73,355.21 करोड़ रुपये बढ़कर 1,52,04,693.34 करोड़ रुपये हो गया। सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 666 अंकों की मजबूती देखने को मिली और आखिर में 581.64 अंकों की बढ़त के साथ 39,831.84 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 159.70 अंक मजबूत होकर 11,786.85 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार को जल्द ही लाभांश वितरण कर (डीडीटी) खत्म करने या कमी के रूप एक बड़ा तोहफा मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और वित्त मंत्रालय इस पर काम कर रहे हैं। इस संबंध में वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) और राजस्व विभाग के अधिकारियों की पीएमओ अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है।