रविवार शाम लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल आए। लोकसभा चुनाव की मतगणना 23 मई को होगी, लेकिन अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल आते ही राजनीतिक बहस का नया दौर शुरू हो गया। राजनीतिक बहस के साथ ही शेयर बाजार में भी एग्जिट पोल का असर दिखा।
एग्जिट पोल के नतीजों से सोमवार को शेयर बाजार पिछले 10 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था। अमर उजाला ने बीते कुछ प्रमुख चुनावों के दौरान विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी एग्जिट पोल का विश्लेषण किया तो यह तथ्य सामने आया कि चुनाव के विजेता रहने वाले दल को लेकर कई बार एग्जिट पोल गलत भी साबित हुए हैं। एग्जिट पोल चाहे गलत हो या सही, लेकिन इसका शेयर बाजार पर भारी असर पड़ा है।
दिनभर के कारोबार के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स यानी सेंसेक्स 382.87 अंकों की गिरावट के बाद 38969.80 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी की बात करें तो निफ्टी में 119.20 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद निफ्टी 11709.10 के स्तर पर पहुंच गया।
ऐसा रहा दिग्गज शेयरों का हाल
दिग्गज शेयरों की बात करें तो दिनभर के कारोबार के बाद मंगलवार को भारती इंफ्राटेल, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, टाइटन कंपनी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक्स बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं गिरावट वाले दिग्गज शेयरों की बात करें तो इसमें जी एंटरटेनमेंट, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, बीपीसीएल और अडाणी पोर्ट्स के स्टॉक्स शामिल हैं।
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें तो सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को सभी सेक्टर्स लाल निशान पर बंद हुए। इनमें फार्मा, ऑटो, एफएमसीजी, बैंक, आईटी, मेटल, एनर्जी और इंफ्रा शामिल हैं।
बढ़त के साथ खुला था शेयर बाजार
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 104.58 अंकों की बढ़त के साथ 39457.25 के स्तर पर खुला। वहीं 28.80 अंकों की बढ़त के साथ मंगलवार को निफ्टी 11857.10 के स्तर पर खुला।