शेयर बाजार ने बजट के मर्म को ठीक से समझते हुए बजट के अगले दिन मंगलवार को 777 अंकों की जोरदार छलांग लगाई। यह तेजी बीते सात साल की सर्वाधिक एकदिनी बढ़त को साथ बजट के अगले दिन होने वाली अभी तक की सबसे बड़ी बढ़त है।
बजट घोषणा के बाद रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों के कम किए जाने की संभावना से भी बाजार की तेजी को बल मिला। बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नए सिरे से जान फूंकने की कवायद पर भी बाजार ने भरोसा दिखाया है।
इसके अलावा सुस्ती में फंसी वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था में सतत विकास की संभावनाओं का भी शेयर बाजार ने इस बढ़ोतरी के साथ अपना समर्थन दिया है। वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के माहौल में मंगलवार को शेयर बाजार के कारोबार की शुरूआत तेजी के साथ हुई।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 777.35 अंक बढ़कर 23,779.35 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 235.25 अंकों की छलांग से 7,222.30 पर बंद हुआ। बजट के दिन शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का माहौल रहा। सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स में बढ़ोतरी सेंसेक्स गोता लगाने के बाद अंत में 152 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
मंगलवार के बजट के अन्य कारकों को सेंसेक्स ने तेजी के साथ सराहा। एक निजी एजेंसी के सर्वेक्षण में उत्पादन क्षेत्र में लगाता दूसरे माह भी बढ़ोतरी के आंकड़े से शेयरों की तेजी को बल मिला।
ग्लोबल फाइनेंशियल कंपनी यूएसबी का आकलन है कि रिजर्व बैंक इस साल ब्याज दरों में आधी फीसदी की कटौती कर सकता है। इससे भी बाजार की तेजी भड़की। लाभ कमाने वाले सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में आईटीसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प, अदाणी पोर्ट, गेल और टाटा मोटर्स प्रमुख रहे।