पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी पूंजी की निकासी और कमजोर कॉरपोरेट नतीजों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में सुबह के कारोबार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती सत्र में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता घटने से बाजार पर भारी दबाव बना रहा। कारोबार के दौरान दोपहर 1:45 बजे तक सेंसेक्स 1683.38 अंक गिरकर 79,603.81 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 503.65 अंक गिरकर 24,675 अंक पर आ गया।
प्री-ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 2,743.46 अंक गिरकर 78,543.73 पर आ गया; निफ्टी 533.55 अंक गिरकर 24,645.10 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 24 पैसे गिरकर 91.32 पर आ गया।
मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच बाजारों की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि निवेशक बेहद अस्थिर माहौल में स्थिरता की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा, “आज की गहराई से अनिश्चित दुनिया में बाजार किसी ठोस सहारे की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री के इस बयान कि ईरान होरमुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करेगा और नई ईरानी नेतृत्व अमेरिका के साथ वार्ता फिर से शुरू करना चाहता है, इन खबरों से एशियाई बाजारों में शुरुआती भारी गिरावट के बाद जोखिम वाले एसेट्स में हल्की रिकवरी देखने को मिली है।”
अजय बग्गा के अनुसार, ईरान-अमेरिका तनाव का भारतीय बाजार पर तीन प्रमुख प्रभाव पड़ सकता है।
ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों में रिस्क-ऑफ माहौल को तेज कर दिया है, जिसका असर इस सप्ताह की शुरुआत में इक्विटी बाजारों पर साफ दिख सकता है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सोना, डॉलर और अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। कमोडिटी बाजारों में, सोने की कीमतें 3 प्रतिशत बढ़कर 1,67,329 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) हो गईं, जबकि चांदी की कीमतें 3.89 प्रतिशत बढ़कर 2,85,700 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं।
अन्य एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.55 प्रतिशत गिरकर 57,930 के स्तर पर आ गया, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स सूचकांक 1.86 प्रतिशत गिरकर 4,903 के स्तर पर आ गया, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर 26,113 पर आ गया और ताइवान का भारित सूचकांक 0.33 प्रतिशत गिरकर 35,297 के स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिकी बाजारों में, डॉव जोन्स फ्यूचर्स 0.77 प्रतिशत गिरकर 48,593 पर आ गया, जो बिकवाली के दबाव का संकेत देता है। शुक्रवार को, एसएंडपी 500 सूचकांक 0.43 प्रतिशत गिरकर 6,878 पर आ गया, जबकि नैस्डैक 0.94 प्रतिशत गिरकर 22,663 के स्तर पर पहुंच गया।
ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमतें बढ़कर 82.37 डॉलर हो गईं, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत में 7.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 78.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा में 7.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 71.86 डॉलर पर पहुंच गई।