रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती न किए जाने से बुधवार को बाजार भी निराश हुआ और सेंसेक्स ने 205 अंकों से अधिक का गोता लगा लिया। आरबीआई की ओर से दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने से बाजार में बिकवाली और बढ़ गई। आखिरी घंटे के दौरान बाजार में तेज गिरावट आई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिली है। निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का स्मॉलैकप इंडेक्स 0.7 फीसदी तक कमजोर होकर बंद हुआ है। जिसके चलते बीएसई का सेंसेक्स 205 अंक की गिरावट के साथ 32,597 के स्तर पर बंद हुआ है। एनएसई का निफ्टी 74 अंक की कमजोरी के साथ 10,044 के स्तर पर बंद हुआ है।
जीवीए ग्रोथ रहेगी 6.7 फीसदी
आरबीआई ने जीवीए ग्रोथ का अनुमान 6.7 फीसदी पर बरकरार रखा है। आरबीआई के मुताबिक दूसरी छमाही में रिटेल महंगाई दर 4.2-4.6 फीसदी रहने का अनुमान है। एमपीसी कमिटी के 6 में से 5 सदस्य दरों में बदलाव नहीं करने के पक्ष में थे, जबकि रविंद्र ढोलकिया ने दरों में 0.25 फीसदी की कटौती करने के पक्ष में वोट किया।
महंगाई पर जताई चिंता
आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने खाद्य और फ्यूल महंगाई पर चिंता जताई है। वहीं क्रेडिट पॉलिसी पर एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री का कहना है कि रेट कट न होना उनकी उम्मीद के मुताबिक है। सुंदरम म्युचुअल फंड के सीईओ सुनील सुब्रमण्यम का कहना है कि शेयर बाजार बेवजह परेशान हो रहा है। आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी लंबे समय के लिए अच्छी है।