भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 460.30 अंक फिसलकर 73,249.39 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 123.70 अंक की गिरावट के साथ 22,687.65 पर आ गया।
बाजार में जारी बिकवाली का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। इससे देश में महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। भारत की तेल-निर्भर अर्थव्यवस्था पर भी इसके नकारात्मक असर का डर है। बाजार में मीडिया और ऑटो क्षेत्र के शेयरों में विशेष रूप से गिरावट देखी गई।
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए बड़ी चुनौती हैं। इससे कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है। साथ ही, उपभोक्ताओं पर भी महंगाई का बोझ बढ़ सकता है। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए अपने शेयर बेचे।
किन सेक्टर्स और शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?
आज बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। सेक्टर्स की बात करें तो आईटी, एफएमसीजी और मीडिया सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
- नुकसान वाले शेयर: निफ्टी-50 में आज नेस्ले इंडिया, इटरनल और एचडीएफसी लाइव इंश्योरेंस कंपनी लिमिट के शेयर गिरावट के मामले में सबसे आगे रहे।। इसके अलावा दिग्गज शेयर रिलायंस और अदाणी एंटरप्राइजेज में भी करीब 2-2 फीसदी की गिरावट देखी गई।
क्या आज किसी सेक्टर या शेयर में तेजी भी रही?
बाजार की इस बड़ी गिरावट के बीच फार्मा सेक्टर इकलौता ऐसा सेक्टर रहा जो मजबूती के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा।
- कहां दिखी खरीदारी: इसके अलावा चुनिंदा भारी उद्योगों और बैंकिंग शेयरों जैसे कि बजाज फाइनेंस लिमिटेड और अल्ट्रा टेक सीमेंट लिमिटेड में मामूली खरीदारी देखने को मिली।
छोटे और मझोले शेयरों का क्या हाल रहा?
आज केवल बड़े शेयर ही नहीं टूटे, बल्कि छोटे और मध्यम आकार के शेयरों में भी जमकर बिकवाली हुई। आज निफ्टी मिड कैप 100 में 0.87% और निफ्टी स्मॉल कैप 100 सूचकांक में 1.17% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ पता चलता है कि आज छोटे निवेशकों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।